Haryana हरियाणा: अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने अपनी भाभी के साथ दुष्कर्म के दोषी देवर को 10 साल की जेल और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला चार जुलाई 2022 को महिला थाने में दर्ज शिकायत के बाद सामने आया था।

उप जिला न्यायवादी रेखा जे एस जांगड़ा ने बताया कि पीड़ित महिला अपने पति के साथ किराए के मकान में रहती थी, जबकि उसका ससुराल दिल्ली में स्थित था। देवर का उनके घर नियमित आना-जाना था। रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन महिला के घर देवर के आगमन के दौरान महिला और उसके पति के बीच झगड़ा हो गया।

जांच में पता चला कि तीन जनवरी 2021 को देवर ने महिला के पति को फोन करके किसी काम के बहाने दिल्ली बुलाया। इसके बाद उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित महिला ने इसके खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया।

अदालत ने सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर देवर को दोषी पाया। अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर है और सामाजिक और पारिवारिक ढांचे को नुकसान पहुँचाने वाला है। इस कारण अदालत ने सजा में कठोरता बरती।

सजा के तहत आरोपी को 10 साल की जेल में कैद और एक लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा। जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि आरोपी जुर्माना राशि का भुगतान नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

इस फैसले के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने अदालत के न्याय पर संतोष व्यक्त किया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भी इस मामले में अपनी तत्परता और सहयोग के लिए प्रशंसा प्राप्त की।

मामले के दौरान पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों की पूरी जांच की और सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए परिवार और समाज को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

इस सजा से यह संदेश मिलता है कि घरेलू हिंसा और यौन अपराधों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सख्ती से की जाएगी। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस और न्यायपालिका की तत्परता अहम भूमिका निभाती है।

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