Chandigarh.चंडीगढ़: पुलिस ने एक 37 वर्षीय अफ़ग़ान नागरिक को भारत में अवैध रूप से रहने और धोखाधड़ी से पहचान पत्र हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कंवरदीप कौर और पुलिस अधीक्षक (एसपी, सिटी) केएम प्रियंका सहित वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में मौलीजागरां पुलिस टीम ने यह गिरफ्तारी की। आरोपी की पहचान मोहम्मद रसूल बराक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कंधार, अफ़ग़ानिस्तान का रहने वाला है। उसने 2015 में छात्र वीज़ा पर भारत में प्रवेश किया और बाद में 2018 में पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। हालाँकि, वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह अवैध रूप से देश में रह रहा था और टैक्सी चालक के रूप में काम कर रहा था। पुलिस जाँच के अनुसार, बराक ने लर्नर्स लाइसेंस प्राप्त करने के लिए भारतीय नागरिकता का झूठा दावा किया और सफलतापूर्वक आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर लिया। उसके आवेदन में उसका जन्मस्थान चंडीगढ़ बताया गया था।
अमृतसर स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए और आधिकारिक अभिलेखों के सत्यापन के बाद, विदेशी अधिनियम की धारा 14 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 के तहत मामला दर्ज किया गया। बराक को आज गिरफ्तार कर लिया गया और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आगे की जाँच जारी है।बराक ने कहा कि वह अपने देश वापस नहीं जाना चाहता क्योंकि उसके देश में "असामान्य" परिस्थितियाँ हैं। गहन पूछताछ के दौरान, पुलिस को पता चला कि बराक ने चंडीगढ़ स्थित पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण में लर्नर्स लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र में भारतीय होने का झूठा दावा किया है और अपने नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड और नवंबर 2030 तक वैध ड्राइविंग लाइसेंस जैसे अन्य भारतीय पहचान पत्र भी बनवाए/प्राप्त किए हैं। आरएलए से प्राप्त दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियों के अनुसार, बराक ने खुद को चंडीगढ़ के रायपुर खुर्द का निवासी बताया था और अपना जन्म स्थान चंडीगढ़ बताया था।