कुरुक्षेत्र। पिहोवा में हुई दो लाख रुपये की लूट की वारदात में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। अपराध अन्वेषण शाखा (सीआईए-2) की टीम ने तीनों आरोपितों को उत्तराखंड के हरिद्वार से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद कुरुक्षेत्र वापस लाते समय एक आरोपित ने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपित को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, मंगलवार शाम पिहोवा क्षेत्र में दो लाख रुपये की लूट की घटना सामने आई थी। वारदात के बाद पुलिस ने आरोपितों की तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा अपराध अन्वेषण शाखा-2 को सौंपा गया। टीम ने तकनीकी जांच और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपितों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू कर दी।

लगातार प्रयास के बाद पुलिस टीम ने तीनों आरोपितों को उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पिहोवा निवासी अभिषेक, अमित उर्फ अंकित और आशीष के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपित पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और उनके खिलाफ छीना-झपटी समेत कई मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपितों को लेकर कुरुक्षेत्र लौट रही थी। इसी दौरान लाडवा के पास पहुंचने पर एक आरोपित अभिषेक ने पुलिस वाहन को रुकवाने के लिए किसी बहाने का सहारा लिया। बताया जा रहा है कि वाहन रुकने के बाद उसने पुलिस की निगरानी से बचकर भागने की कोशिश की।

आरोपित के भागने का प्रयास करते ही पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की। जब वह नहीं रुका तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चला दी। पुलिस की गोली आरोपित अभिषेक की टांग में लगी। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया और तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

घायल आरोपित का अस्पताल में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं पुलिस ने अन्य दोनों आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के दौरान लूट की वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों आरोपितों ने लूट की योजना किस तरह बनाई थी और वारदात को अंजाम देने के बाद वे कहां-कहां छिपे रहे। इसके अलावा लूटी गई रकम की बरामदगी और घटना में इस्तेमाल किए गए साधनों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उनके खिलाफ पहले भी छीना-झपटी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उनके पुराने मामलों और वर्तमान वारदात के बीच संबंधों की जांच कर रही है।

लूट की घटना के बाद पुलिस पर आरोपितों को जल्द पकड़ने का दबाव था। सीआईए-2 की टीम ने अलग-अलग स्तर पर जांच करते हुए आरोपितों तक पहुंच बनाई। हरिद्वार से गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपितों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लूट की रकम, वारदात में शामिल अन्य लोगों और किसी संभावित गिरोह के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों के मुताबिक पिहोवा में हुई लूट की घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल था। पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों ने राहत महसूस की है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

इस मामले में पुलिस अब आरोपितों को अदालत में पेश करने और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी कर रही है। वहीं घायल आरोपित के इलाज के साथ-साथ उससे पूछताछ भी की जा सकती है, ताकि वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सके।

पुलिस की कार्रवाई से यह साफ है कि लूट जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं। पिहोवा लूटकांड में तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का पूरा ध्यान लूटी गई रकम की बरामदगी और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने पर है।

फिलहाल तीनों आरोपित पुलिस की गिरफ्त में हैं। एक आरोपित अभिषेक अस्पताल में भर्ती है, जबकि अन्य दो से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई अहम सुराग सामने आ सकते हैं।

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