जनता से रिश्ता। दीपावली के मौके पर होने वाली आतिशबाजी और पटाखों से हर बार कई लोग जख्मी (chandigarh diwali injury cases) होते हैं. पटाखों की वजह से कई लोग जल जाते हैं. कुछ के हाथ जलते हैं तो कई लोगों की आंखों की रोशनी चली जाती है. वहीं इस बार चंडीगढ़ में पटाखों पर पाबंदी लगे होने के बाद यहां के अस्पतालों में दीपावली की वजह से होने वाले हादसों के शिकार मरीजों की संख्या कम रही.

बात पीजीआई की करें तो यहां पर पटाखे जलाने की वजह से इस बार 15 मरीज आए, जिनकी आंखों पर चोट आई हैं. जिसमें से 9 लोगों का ऑपरेशन करना पड़ा. पीजीआई के एडवांस आई केयर सेंटर के एचओडी डॉ. एसएस पांडव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार जितने भी मरीज पीजीआई आई केयर सेंटर आये हैं, वो ट्राइसिटी से नहीं है बल्कि दूर दराज के इलाकों के हैं. जिसमें से 9 लोगों का ऑपरेशन करना पड़ा है.
इधर जीएमएसएच-16 में दीवाली वाली रात 24 मरीज पटाखे से जलाने की वजह से अस्पताल पहुंचे. जिनमें से 2 गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिन्हें आई इंजरी थी. उन्हें पीजीआई रेफर करना पड़ा था, बाकी को प्रारंभिक इलाज के बाद तुरंत छुुट्टी दे दी गई थी.
जीएमएसएच-16 के मेडिकल सुपरिडेंट डॉ. वीके नागपाल ने जानकारी दी कि दीवाली पर बहुत लोग पटाखों से घायल हो जाते हैं, लेकिन इस बार इसकी संख्या में कमी आई है. इस बार 24 ही मरीज सेक्टर-16 के अस्पताल आए थे. जिसमें से 3 मामले पंजाब के थे और 1 चंडीगढ़ से था, जिन्हें आई इंजरी हुई थी. ऐसे में कहा जा सकता है कि इस बार चंडीगढ़ में दीपावली पर होने वाले हादसों में भारी कमी देखने को मिली है.


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