बनासकांठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे के दौरान शुक्रवार, 30 अक्टूबर को बनासकांठा जिले में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) के कैटल फार्म और एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी-इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (ET-IVF) प्रयोगशाला के निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद महिलाओं से बातचीत की। इस दौरान जब महिलाएं प्रधानमंत्री के साथ ग्रुप फोटो खिंचवा रही थीं, तब उनके समूह ने 'मोदी नहीं जाएंगे' के नारे लगाए। इस नारे ने कार्यक्रम में लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इससे पहले प्रधानमंत्री की जनसभा में पहुंचीं बनास डेयरी से जुड़ी महिलाओं के हाथों में 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' लिखी तख्तियां भी देखी गई थीं। इस नारे को महिलाओं के उत्साह और प्रधानमंत्री के प्रति उनके लगाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि ग्रुप फोटो के दौरान नारे लगाए जाने का विस्तृत वीडियो और महिलाओं के वास्तविक शब्दों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय गुजरात दौरे के पहले चरण में बनासकांठा पहुंचे। उन्होंने सुबह लगभग साढ़े नौ बजे भीलड़ी स्थित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर और आधुनिक पशु प्रजनन प्रयोगशाला का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया और पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीकों की जानकारी ली।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने स्थानीय महिलाओं और पशुपालन गतिविधियों से जुड़ी महिलाओं से मुलाकात की। उन्होंने डेयरी और पशुपालन से संबंधित गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद महिलाओं के साथ सामूहिक तस्वीर खिंचवाने का कार्यक्रम हुआ। इसी दौरान महिलाओं द्वारा 'मोदी नहीं जाएंगे' के नारे लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।

बनासकांठा में प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक पहुंचे थे। कार्यक्रम में बनास डेयरी से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी भी प्रमुख रही। कुछ महिलाएं विशेष तख्तियां और बैनर लेकर कार्यक्रम स्थल पहुंचीं। इन पर 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' लिखा हुआ था। इन तख्तियों के साथ महिलाओं के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले ही बनासकांठा के विभिन्न गांवों में स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई थीं। स्थानीय दूध उत्पादक सहकारी समितियों और गांवों में सजावट की गई थी। कई स्थानों पर रंगोली बनाई गई और रंग-बिरंगी रोशनी की व्यवस्था की गई। महिला पशुपालकों ने भी इन तैयारियों में हिस्सा लिया।

प्रधानमंत्री का यह दौरा विशेष रूप से डेयरी और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बनासकांठा जिले में बड़ी संख्या में परिवार पशुपालन और दूध उत्पादन से अपनी आजीविका चलाते हैं। यहां की बनास डेयरी देश की प्रमुख दुग्ध सहकारी संस्थाओं में शामिल है।

प्रधानमंत्री ने जिस भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का निरीक्षण किया, वह लगभग 127 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। इसे देशी पशुओं की नस्लों में सुधार और आधुनिक प्रजनन तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

इस केंद्र में विशेष रूप से कांकरेज नस्ल के पशुओं पर ध्यान दिया जाएगा। कांकरेज गुजरात की प्रमुख देशी पशु नस्लों में शामिल है। केंद्र में पशुओं की आनुवंशिक गुणवत्ता सुधारने, बेहतर प्रजनन व्यवस्था विकसित करने और उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह केंद्र पशुओं की नस्ल सुधारने की प्रक्रिया को 10 से 20 गुना तक तेज करने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इससे आने वाले वर्षों में पशुधन की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने ET-IVF प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। इस प्रयोगशाला में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से पशुओं के भ्रूण विकसित करने की व्यवस्था की गई है। इन विट्रो फर्टिलाइजेशन तकनीक के उपयोग से बेहतर आनुवंशिक गुणों वाले पशुओं के प्रजनन की संभावनाएं बढ़ाई जा सकती हैं।

डेयरी क्षेत्र में ऐसी तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इससे अच्छी नस्ल के पशुओं के संरक्षण और उनकी संख्या बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही पशुपालकों को बेहतर गुणवत्ता वाले दुधारू पशु उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।

बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम की एक अन्य विशेषता किसानों के बैठने की व्यवस्था रही। सामान्य जनसभाओं में जहां कुर्सियां लगाई जाती हैं, वहीं इस कार्यक्रम में किसानों और पशुपालकों के लिए पारंपरिक खाटों की व्यवस्था की गई। इसे स्थानीय स्तर पर 'खाटला सभा' का नाम दिया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान पारंपरिक खाटों पर बैठकर प्रधानमंत्री का संबोधन सुनने पहुंचे। आयोजकों की इस व्यवस्था ने कार्यक्रम को सामान्य राजनीतिक जनसभाओं से अलग स्वरूप दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इन परियोजनाओं में कृषि, पशुपालन, सड़क निर्माण, मेट्रो विस्तार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करने का कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया। इसके तहत लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की राशि देशभर के पात्र किसानों के बैंक खातों में भेजी जानी है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में उपलब्ध कराई जाती है।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बनास डेयरी से संबंधित अन्य परियोजनाएं भी शामिल हैं। थराद और राधनपुर में दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला रखने की योजना है। इन संयंत्रों में पशुओं के गोबर का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाएगा।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य जैविक अपशिष्ट के बेहतर इस्तेमाल के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन गतिविधियों को अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है।

बनासकांठा के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री एकता नगर जाने वाले हैं। वहां वे भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे और नर्मदा आरती में हिस्सा लेंगे। शनिवार, 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे।

इस बीच बनासकांठा में महिलाओं के हाथों में दिखाई दीं 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' की तख्तियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कार्यक्रम में मौजूद महिला पशुपालकों की भागीदारी और प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

हालांकि तस्वीरों और उपलब्ध रिपोर्टों से तख्तियों पर लिखे शब्दों की पुष्टि होती है, लेकिन ग्रुप फोटो के दौरान महिलाओं ने ठीक किन शब्दों में नारे लगाए और प्रधानमंत्री ने उस पर क्या प्रतिक्रिया दी, इसका स्वतंत्र रूप से सत्यापित विवरण सामने नहीं आया है।

प्रधानमंत्री के इस दौरे में पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़ी परियोजनाओं के साथ महिला पशुपालकों की भागीदारी भी प्रमुख रही। बनासकांठा की डेयरी अर्थव्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की मौजूदगी और उनकी अभिव्यक्ति इस दौरे की चर्चित घटनाओं में शामिल रही।

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