युद्ध अभ्यास का समापन, सेना, नौसेना, वायु सेना के साथ कोस्ट गार्ड और BSF ने भी लिया हिस्सा
Gujrat गुजरात: भारतीय सशस्त्र बलों का बहु-सेनात्मक युद्ध अभ्यास पोरबंदर में संपन्न हुआ, जिसमें सेना, नौसेना और वायु सेना के साथ-साथ कोस्ट गार्ड और बीएसएफ (BSF) ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। यह अभ्यास सुर क्रीक संकट पर आधारित संभावित आपात स्थितियों के लिए तैयारियों का परीक्षण करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। एयर मार्शल नगेश कपूर, AOC CNC, SWAC ने कहा कि यह अभ्यास लगभग हर साल आयोजित किया जाता है और इसे कई महीनों की मेहनत और योजना का परिणाम बताया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य सशस्त्र बलों की संयुक्त युद्धक्षमता और तत्परता का प्रदर्शन करना है।
अभ्यास के दौरान सेना ने जमीनी युद्ध तकनीकों का प्रदर्शन किया, जबकि नौसेना और वायु सेना ने हवाई और समुद्री परिचालन के क्षेत्र में अपनी रणनीति और सहयोग क्षमता दिखाई। कोस्ट गार्ड और BSF ने सीमा और तटीय सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाते हुए समेकित आपात प्रबंधन प्रणाली का अभ्यास किया। एयर मार्शल कपूर ने बताया कि इस प्रकार के वार्षिक अभ्यास न केवल सशस्त्र बलों के आपसी तालमेल को बढ़ाते हैं, बल्कि संभावित संकट और आकस्मिक परिस्थितियों में जवाबदेही और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता सुनिश्चित करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार के अभ्यास में तकनीकी नवाचार, वास्तविक समय संचार और आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रभावी उपयोग किया गया।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे बहु-सेनात्मक अभ्यास राष्ट्रीय सुरक्षा और समुद्री तथा सीमा सुरक्षा रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास सशस्त्र बलों की तत्परता और समेकित संचालन क्षमता का जीवंत प्रमाण है। अभ्यास में भाग लेने वाले जवानों और अधिकारियों ने कहा कि यह उनके लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर है, जिससे उन्हें वास्तविक युद्ध स्थितियों में तेजी से निर्णय लेने और सहयोग करने की क्षमता विकसित होती है। पोरबंदर में आयोजित यह अभ्यास भारतीय सशस्त्र बलों की संकट प्रबंधन, तटीय सुरक्षा और संयुक्त संचालन क्षमता को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।