सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर यूनिटी मार्च का दूसरा दिन आनंद जिले में सफलतापूर्वक सम्पन्न
Gujrat गुजरात: सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित यूनिटी मार्च का दूसरा दिन गुजरात के आनंद जिले में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन, छात्र संगठन और नागरिक समाज के प्रतिनिधि सहित हजारों लोगों ने शिरकत की। यूनिटी मार्च का उद्देश्य देशभर में सरदार पटेल के योगदान को याद करना और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए, हाथों में बैनर और प्लेकार्ड लेकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उन्होंने 'एकता में शक्ति है' और 'सरदार पटेल स्मारक हमारा गौरव' जैसे नारे लगाए।
आनंद जिले में मार्च की शुरुआत सुबह 9 बजे हुई। जिले के प्रमुख मार्गों से होते हुए, यह मार्च शहर के विभिन्न हिस्सों और गांवों में पहुंचा। स्थानीय लोगों ने भी उत्साहपूर्वक इस मार्च में भाग लिया। कई स्कूल और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने अपने पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। मार्च के आयोजकों ने बताया कि यह सिर्फ एक सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में एकजुटता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्र भारत में एकता और अखंडता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि उनकी 150वीं जयंती पर यह प्रकार का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा की भी विशेष व्यवस्था की थी। पुलिस और स्वयंसेवक दोनों ने मार्गों पर नियंत्रित व्यवस्था बनाए रखी, ताकि मार्च सुचारू रूप से संपन्न हो सके। इसके अलावा, स्वास्थ्य और राहत सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी। यूनिटी मार्च में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल थे। मार्च के दौरान मंच पर राष्ट्रीय गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिसमें सरदार पटेल के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। स्थानीय नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए और जनता को एकजुट होने का संदेश दिया।
मार्च का समापन शहर के प्रमुख चौक पर हुआ, जहाँ प्रतिभागियों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को याद किया। आयोजकों ने बताया कि मार्च का यह आयोजन पूरे जिले में एक सकारात्मक संदेश छोड़ गया और लोगों में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।