बनासकांठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा में किसानों और पशुपालकों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की पांच प्रमुख योजनाओं के माध्यम से देश के किसानों को करीब 50 लाख करोड़ रुपये का फायदा और बचत हुई है। प्रधानमंत्री ने इस दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के लिए 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से जारी की गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने गुजरात को 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। कार्यक्रम में किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों की जगह चारपाइयों की विशेष व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी।
किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये का फायदा होने का दावा
बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पांच प्रमुख योजनाओं के कारण किसानों को लगभग 50 लाख करोड़ रुपये का लाभ और बचत हुई है।प्रधानमंत्री ने पीएम किसान सम्मान निधि, खाद सब्सिडी, न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर फसलों की खरीद, फसल बीमा और सौर ऊर्जा से संबंधित कृषि योजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की खेती की लागत कम करने और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, किसानों तक सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाने से उन्हें खेती से जुड़े जरूरी खर्च पूरे करने में मदद मिलती है।
हालांकि, 50 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा प्रधानमंत्री का दावा है। इसमें विभिन्न योजनाओं की सहायता और अनुमानित बचत शामिल बताई गई है। इस राशि का स्वतंत्र योजनावार सत्यापन उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सका है।
9.34 करोड़ किसानों को मिली 24वीं किस्त
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस किस्त में 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की गई।इस योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपये की सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त में 2,000 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं।यह रकम किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि संबंधी आवश्यकताओं पर खर्च करने में मदद कर सकती है।इस अवसर पर गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को भी योजना का लाभ मिलने की बात सामने आई। प्रधानमंत्री ने किसान कल्याण को केंद्र सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
गुजरात के 52 लाख से अधिक किसानों को लाभ
गुजरात सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के 52.33 लाख से अधिक किसान परिवारों को पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का लाभ मिलेगा। इसके तहत राज्य के किसानों के लिए 1,051 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है।
प्रधानमंत्री ने किसानों को खाद पर मिलने वाली सब्सिडी का भी उल्लेख किया। केंद्र सरकार यूरिया और अन्य उर्वरकों पर सब्सिडी उपलब्ध कराती है, जिससे किसानों को बाजार की वास्तविक लागत से कम कीमत पर खाद मिल सके।
इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की खरीद का उद्देश्य किसानों को निर्धारित कीमत उपलब्ध कराना है। फसल बीमा योजनाओं के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा देने की व्यवस्था भी की गई है।
14 हजार करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री मोदी ने बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में कृषि, पशुपालन, परिवहन, शहरी बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2ए और फेज-2बी के विस्तार की आधारशिला भी इस कार्यक्रम का हिस्सा रही। एयरपोर्ट और गिफ्ट सिटी तक मेट्रो संपर्क बढ़ाने की योजना है।इसके अतिरिक्त अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क को चार लेन से आठ लेन करने की लगभग 2,600 करोड़ रुपये की परियोजना भी शामिल है। सरकार के अनुसार, इससे उत्तर गुजरात की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी।प्रधानमंत्री ने 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखने और 361 तैयार केंद्रों का उद्घाटन करने का कार्यक्रम भी रखा।
पशुपालकों के लिए आधुनिक रिसर्च सेंटर
बनासकांठा में प्रधानमंत्री ने भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर तथा एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी-इन विट्रो फर्टिलाइजेशन प्रयोगशाला का दौरा किया।करीब 127 एकड़ में विकसित यह केंद्र पशुओं की नस्ल सुधार, आधुनिक प्रजनन तकनीक और डेयरी उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।इसके अलावा बनास डेयरी से संबंधित आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार और आधुनिक भंडारण व्यवस्था का भी उद्घाटन किया गया। थराद और राधनपुर में दो नए बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला रखने की योजना भी कार्यक्रम में शामिल थी।केंद्र और राज्य सरकार का उद्देश्य पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ डेयरी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करना है।
सभा में कुर्सियों की जगह चारपाइयां बनीं आकर्षण
बनासकांठा में प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा का आयोजन अनोखे अंदाज में किया गया। सामान्य राजनीतिक सभाओं की तरह कुर्सियां लगाने के बजाय किसानों और पशुपालकों के बैठने के लिए पारंपरिक चारपाइयों की व्यवस्था की गई थी।
इस आयोजन को स्थानीय स्तर पर 'खाटला सभा' नाम दिया गया। बड़ी संख्या में लगाई गई चारपाइयों ने कार्यक्रम को अलग पहचान दी।प्रधानमंत्री मोदी ने भी चारपाइयों की व्यवस्था का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की चर्चा की। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर किसी आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड की पुष्टि नहीं हुई है।चारपाइयों पर बैठकर प्रधानमंत्री का भाषण सुनने का यह अंदाज किसानों की पारंपरिक ग्रामीण जीवनशैली से जुड़ा हुआ था।
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में कृषि अवसंरचना कोष के तहत विकसित 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने की पहल भी शामिल रही। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 4,950 करोड़ रुपये बताई गई है।इनमें कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इनसे कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा 12 बागवानी क्लस्टरों से जुड़ी गतिविधियां शुरू करने की पहल की गई। ये क्लस्टर लगभग 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेंगे और 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।कार्यक्रम के दौरान अहमदाबाद-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई गई।
प्रधानमंत्री के इस दौरे में किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ कृषि, डेयरी और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का कहना है कि इन पहलों से खेती की सुविधाओं में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।