केवड़िया में पीएम मोदी 30 नवंबर को करेंगे 25 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ
Kevadia केवड़िया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में एक बड़े पर्यावरण अनुकूल पहल की शुरुआत करने जा रहे हैं। वे सरदार सरोवर डैम के पास स्थित ‘आरोग्य वन’ क्षेत्र में 25 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस कदम को पर्यावरण संरक्षण और सतत परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहन देने के रूप में देखा जा रहा है। सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ वाले इस पर्यटन क्षेत्र में हर साल लाखों सैलानी पहुंचते हैं। ऐसे में बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत को देखते हुए सरकार ने यहां पर पारंपरिक डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। ये सभी बसें अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगी और इनका संचालन पूरी तरह चार्जिंग आधारित प्रणाली पर होगा।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की जा रही यह पहल ‘ग्रीन मोबिलिटी मिशन’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। केवड़िया को देश का पहला ऐसा पर्यटन मॉडल क्षेत्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है, जहां परिवहन पूरी तरह स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित होगा। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य परिवहन मंत्री तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (GSRTC) और गुजरात टूरिज्म मिलकर करेंगे। बसें केवड़िया के प्रमुख पर्यटन स्थलों—स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, फूलों की घाटी, जंगल सफारी, आरोग्य वन, और एकता नगर रेलवे स्टेशन—के बीच आवाजाही करेंगी।
गुजरात सरकार का दावा है कि इस परियोजना से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि पर्यटकों को बेहतर और शांत परिवहन सुविधा भी मिलेगी। हर बस में जीपीएस ट्रैकिंग, पैनिक बटन, और इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रधानमंत्री मोदी इस मौके पर हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों को इलेक्ट्रिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में ‘राष्ट्रीय हरित गतिशीलता योजना’ पर भी काम शुरू किया है। केवड़िया में पहले से ही सोलर प्लांट्स और ई-रिक्शा चलाने की योजना सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। अब इलेक्ट्रिक बसें इस मॉडल को और मजबूत करेंगी। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि आने वाले वर्षों में यहां के पूरे पर्यटन परिवहन नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से 100% इलेक्ट्रिक बनाया जाएगा।