गांधीनगर: अंबालाल कोष्टी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दशकों पुरानी घटनाओं और लोगों को याद रखने की क्षमता उनकी खासियतों में से एक है। कोष्टी ने जनसंघ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में अपने शुरुआती दिनों से ही पीएम मोदी के साथ अपने जुड़ाव को याद किया।
बुधवार को पीएम मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के मौके पर बोलते हुए, कोष्टी ने कहा कि उनकी याददाश्त उनकी सबसे खास खूबियों में से एक है। कोष्टी ने ही युवा मोदी का परिचय जनसंघ से कराया था और बाद में उन्हें RSS से जुड़ने में मदद की थी।
कोष्टी ने कहा, "जहां तक ​​उनकी खासियत की बात है, तो एक बात है: उनकी याददाश्त। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने जो कुछ भी एक बार किया, वह उन्हें जीवन भर याद रहता है। उन्हें आज भी वह बात याद है।"
अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए, कोष्टी ने बताया कि पीएम मोदी गुजरात राज्य परिवहन निगम में उनके रिश्तेदारों द्वारा चलाई जा रही कैंटीन में समय बिताया करते थे।
उस समय संघ की गतिविधियों में शामिल कोष्टी ने बताया कि उनकी मोदी से मुलाकात एक ST केंद्र पर धरने के दौरान हुई थी। कोष्टी ने कहा, "उसी धरने की वजह से मैं मोदी जी से उनके बचपन में मिला था। छात्र जीवन के दौरान उन्होंने मुझसे बात की, और मुझे लगा कि यह भाई हमारे साथ काम करने के लिए तैयार है।"
उन्होंने बताया कि इसके बाद वे दोस्त बन गए और उन्होंने उस कैंटीन का पता ले लिया जहां मोदी रहते थे।
लगभग 25 दिन बाद, पीएम मोदी पहली बार कोष्टी के घर गए, जहां कोष्टी ने 25 पैसे की सदस्यता फीस लेकर उन्हें भारतीय जनसंघ का सदस्य बनाया।
कोष्टी ने कहा, "उस समय मैं कांकरिया वार्ड का महासचिव था।"
उन्होंने बताया कि जनसंघ के साथ काम करने के बाद, पीएम मोदी ने RSS से जुड़ने की इच्छा जताई और उनसे इस प्रक्रिया में मदद करने को कहा।
इसके बाद कोष्टी उन्हें संघ कार्यालय ले गए, जहां वकील साहब नाम के एक पदाधिकारी इंचार्ज थे। कोष्टी ने याद करते हुए कहा, "उन्होंने उनसे बात की और कहा, 'मैं इस लड़के को यहां रखूंगा, और अगर कोई समस्या हुई तो मैं आपको बताऊंगा।'" उन्हें RSS में PM मोदी के साथ काम करने के दिन भी याद हैं। कोष्टी ने बताया कि उन्होंने कांकरिया में संघ कार्यालय के साथ-साथ सारंगपुर केरी पीठा में भी शाखाएं लगाईं और दोनों जगहों पर काम किया।
उन्होंने कहा, "उस समय मैंने नरेंद्र भाई के साथ संघ कार्यालय में भी काम किया। हमने साथ में कबड्डी खेली और एक ही गाड़ी (साइकिल) से यात्रा की। साथ घूमने-फिरने के अलावा, हम संघ के लिए कई तरह के काम भी करते रहे। इस तरह, मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी संघ में बिता दी।"
उस समय की सादगी भरी ज़िंदगी को याद करते हुए कोष्टी ने बताया कि उनका खाना-पीना भी बहुत साधारण होता था। उन्होंने कहा, "उनका खान-पान भी बहुत सादा था। ज़्यादा कुछ नहीं होता था। हम क्या खाते थे? सूखी रोटी, खिचड़ी या जो कुछ भी किसी के घर पर मिल जाता था; वही हल्का-फुल्का खाना खा लेते थे। उस समय बहुत गरीबी थी; हम और क्या कर सकते थे?"
कोष्टी ने बताया कि उन दिनों वे जनसंघ और RSS की ताकत बढ़ाने के लिए बार-बार लोगों से संपर्क करते थे, बिना यह जाने कि भविष्य में क्या होगा।
PM मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे करने पर कोष्टी ने उन्हें आशीर्वाद दिया और उम्मीद जताई कि वे प्रधानमंत्री की लंबी उम्र के लिए योगदान देंगे।
उन्होंने आगे कहा, "मैं उन्हें बहुत-बहुत आशीर्वाद देता हूं कि मेरी उम्र भी उनकी उम्र में जुड़ जाए। वे इस देश को और भी रोशन करें। वे पूरी दुनिया में अपनी ज़िंदगी को खूबसूरती से रोशन करें। यही मेरी उम्मीद है।"
Tags: