गांधीनगर। गुजरात सरकार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में शुरू की गई 24 घंटे संचालित एयर एम्बुलेंस सेवा एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के करीब पहुंच गई है। राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, वर्ष 2022 में शुरू हुई इस सेवा ने अब तक 98 उड़ान मिशन पूरे कर लिए हैं। अब यह सेवा 100 मिशन का आंकड़ा छूने से महज दो उड़ान दूर है। इस पहल का उद्देश्य गंभीर मरीजों को कम समय में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं वाले अस्पतालों तक पहुंचाना और आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से उपचार उपलब्ध कराना है।
वर्ष 2022 में शुरू हुई थी एयर एम्बुलेंस सेवा
गुजरात में एयर एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत 21 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के कार्यकाल में की गई थी।इस योजना को राज्य के स्वास्थ्य विभाग, नागरिक उड्डयन विभाग और 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के सहयोग से शुरू किया गया थाइसका उद्देश्य सड़क मार्ग से मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में लगने वाले समय को कम करना और गंभीर स्थिति में बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना था।राज्य सरकार ने इस सेवा को आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
अब तक पूरे हुए 98 उड़ान मिशन
राज्य सरकार की ओर से जारी ताजा जानकारी के अनुसार, एयर एम्बुलेंस सेवा ने अपनी शुरुआत से अब तक कुल 98 मिशन पूरे किए हैं।इन मिशनों में गंभीर मरीजों को विशेष उपचार के लिए दूसरे शहरों में पहुंचाने और अंग प्रत्यारोपण से जुड़े परिवहन जैसी जरूरतें शामिल रही हैं।मार्च 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस सेवा के जरिए 34 गंभीर मरीजों और प्रत्यारोपण के लिए 45 मानव अंगों का परिवहन किया गया था।इन मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक, हृदय और फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग शामिल थे।
गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक सुविधा
एयर एम्बुलेंस सेवा विशेष रूप से उन परिस्थितियों में उपयोगी होती है, जब मरीज की हालत अत्यंत गंभीर हो और उसे तत्काल विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता हो।सड़क मार्ग से लंबी दूरी तय करने में अधिक समय लग सकता है। ऐसे में हवाई मार्ग से मरीज को जल्दी अस्पताल पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।गुजरात की एयर एम्बुलेंस में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, ईसीजी मॉनिटर और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं।इसके अलावा प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारी भी मरीज के साथ मौजूद रहते हैं, ताकि यात्रा के दौरान उसकी स्थिति की निगरानी की जा सके।
अंग प्रत्यारोपण में भी निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका
एयर एम्बुलेंस सेवा केवल मरीजों के परिवहन तक सीमित नहीं है। इसका उपयोग प्रत्यारोपण के लिए आवश्यक मानव अंगों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंचाने में भी किया जाता हैअंग प्रत्यारोपण के मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। कई अंगों को निर्धारित समय के भीतर प्रत्यारोपण केंद्र तक पहुंचाना आवश्यक होता है।ऐसी परिस्थितियों में हवाई परिवहन की सुविधा चिकित्सकों और अस्पतालों के लिए उपयोगी साबित होती है।राज्य सरकार के अनुसार, एयर एम्बुलेंस के माध्यम से विभिन्न शहरों के बीच चिकित्सा परिवहन को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
108 सेवा से जुड़ी है एयर एम्बुलेंस
गुजरात की एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य की 108 आपातकालीन चिकित्सा प्रणाली से जुड़ी हुई है।मेडिकल इमरजेंसी के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा मरीज की आवश्यकता और परिवहन की परिस्थितियों का आकलन किया जाता है।इसके बाद एयर एम्बुलेंस के उपयोग से संबंधित व्यवस्था की जाती है। उड़ानों का संचालन गुजरात स्टेट एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड (GUJSAIL) के सहयोग से होता है।इस सेवा का लाभ निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है। इसलिए इसे सभी नागरिकों के लिए पूरी तरह निशुल्क सेवा नहीं माना जाना चाहिए।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का जोर
राज्य सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है।मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं।इनमें 108 एम्बुलेंस नेटवर्क का विस्तार, अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आपातकालीन मरीजों के परिवहन की व्यवस्था शामिल है।राज्य सरकार की 108 आपातकालीन सेवा वर्ष 2007 से संचालित है और अब तक लाखों जरूरतमंदों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा चुकी है।
100वें मिशन के करीब पहुंची सेवा
एयर एम्बुलेंस सेवा के 98 मिशन पूरे होने के बाद राज्य सरकार अब 100वें मिशन की उपलब्धि के करीब है।यह आंकड़ा गुजरात में विशेष चिकित्सा परिवहन सुविधाओं के विस्तार को दर्शाता है।विशेषज्ञों के अनुसार, आपातकालीन मरीजों के लिए तेज परिवहन के साथ अस्पतालों में समय पर उपचार की उपलब्धता भी आवश्यक है।आने वाले समय में एयर एम्बुलेंस जैसी सुविधाओं का विस्तार गंभीर मरीजों और अंग प्रत्यारोपण से संबंधित जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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