अहमदाबाद। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में गंभीर सुरक्षा संकट के दौरान असाधारण साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को घोषणा की कि कैप्टन स्मित को उनकी बहादुरी के लिए ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार ने पुरस्कार के साथ 25 लाख रुपये की नकद राशि देने की भी घोषणा की है।मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर गुजराती भाषा में पोस्ट करते हुए कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इज़राइल जा रही उड़ान में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने यात्रियों की जान बचाने के लिए अद्भुत साहस और सूझबूझ दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया उनके साहस को सलाम कर रही है।
घटना फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान से जुड़ी है, जिसमें 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर गंभीर हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। घटना में स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में अहम भूमिका निभाई, जिससे विमान में मौजूद अन्य चालक दल के सदस्य और यात्री स्थिति को नियंत्रित कर सके।विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। रिपोर्टों के अनुसार विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी आपात स्थिति के दौरान विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की। घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों और हमलावर की मंशा की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि हमले के कारण गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने उनके साहस को बेहद प्रेरणादायक और सराहनीय बताया। मुख्यमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की और कहा कि गुजरात सहित पूरे देश के लोगों की प्रार्थनाएं उनके साथ हैं।गुजरात सरकार की ओर से घोषित ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ कैप्टन स्मित की इसी बहादुरी और संकट की स्थिति में दिखाई गई सूझबूझ के सम्मान में दिया जाएगा। राज्य सरकार के अनुसार उन्होंने गंभीर खतरे की स्थिति में ऐसा साहस दिखाया, जिसने एक बड़ी संभावित त्रासदी को टालने में मदद की।
कैप्टन स्मित की बहादुरी की सराहना केवल गुजरात सरकार तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुरुवार को उनकी प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘हीरो’ बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित की वीरता ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी टालने में मदद की।प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत को कैप्टन स्मित पर गर्व है। घटना सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय पायलट के साहस की चर्चा हुई है।
कैप्टन स्मित फिलहाल घटना में लगी चोटों से उबर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उनका इलाज सऊदी अरब के अस्पताल में किया जा रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। इस बीच उनके परिवार, परिचितों और देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की है।गुजरात में भी कैप्टन स्मित के स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गई हैं। श्री सोमनाथ ट्रस्ट की ओर से उनके स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए विशेष महापूजा का आयोजन किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कैप्टन स्मित एक अनुभवी कमर्शियल पायलट हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उनके पास लगभग 9,750 घंटों का उड़ान अनुभव है। वह फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले लंबे समय तक भारतीय विमानन क्षेत्र में भी काम कर चुके हैं। संकट की स्थिति में उनके अनुभव, प्रशिक्षण और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की व्यापक रूप से सराहना हो रही है।गुजरात सरकार की घोषणा के बाद कैप्टन स्मित का सम्मान राज्य स्तर पर भी औपचारिक रूप से किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि उनकी वीरता ने न केवल लोगों की जान बचाने में मदद की, बल्कि पूरे देश और गुजरात को गौरवान्वित किया है।
फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई इस गंभीर घटना की जांच अभी जारी है। इसलिए हमले के पीछे की अंतिम मंशा और घटनाक्रम से जुड़े कुछ पहलुओं पर जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि संकट के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार द्वारा दिखाई गई बहादुरी की भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में प्रशंसा की जा रही है।अब गुजरात सरकार ने ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ और 25 लाख रुपये की सम्मान राशि की घोषणा कर उनके साहस को औपचारिक पहचान देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए उनका प्रयास साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरणादायक उदाहरण है।