पणजी: काकोरा के गवलीवाड़ा नाले में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने की दूसरी घटना सामने आई है। यहाँ सांप और केकड़े भी मृत पाए गए हैं, जिससे कचरा उपचार संयंत्र (गार्बेज ट्रीटमेंट प्लांट) के पास संभावित रासायनिक प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है।
शनिवार को स्थानीय लोगों ने मौके का मुआयना किया और वहां से आ रही बदबू तथा जलीय जीवों और आसपास के पर्यावरण पर इसके असर को लेकर चिंता जताई। गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पानी के नमूनों की पिछली रिपोर्ट में भले ही कोई प्रदूषण नहीं मिला था, लेकिन बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने स्थानीय लोगों के बीच नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
प्रभावित निवासियों में से एक ने बताया, "हर दिन आधी रात के बाद, एक तेज बदबू आने लगती है। दिन के समय कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन रात में यह प्लांट ऐसी गैस छोड़ता है जिसे बर्दाश्त करना मुश्किल होता है।"
यह नाला नंदा झील से भी जुड़ा है, जो रामसर साइट के रूप में मान्यता प्राप्त एक आर्द्रभूमि (वेटलैंड) है। इससे इस बात की चिंता बढ़ गई है कि प्रदूषण पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण इस जल निकाय तक भी फैल सकता है।
स्थानीय लोगों ने मामले की फिर से जांच कराने, पानी का परीक्षण करने और जलीय जीवों की बार-बार हो रही मौतों के कारणों का पता लगाकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।