मडगांव: दक्षिण गोवा की जिला कलेक्टर एग्ना क्लीटस द्वारा आयोजित विशेष म्यूटेशन कैंपों को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। तालुका मामलतदारों और संयुक्त मामलतदारों ने लगभग 600 मामलों का निपटारा किया है। इनमें से सालसेटे तालुका के संयुक्त मामलतदार-I, III और V ने ऑनलाइन 'फॉर्म XIII' म्यूटेशन मामलों में पेंडेंसी को शून्य कर दिया है।
दक्षिण गोवा की कलेक्टर ने बताया कि वीकेंड पर आयोजित इन विशेष कैंपों के बाद, दक्षिण गोवा में लंबित म्यूटेशन मामलों की कुल संख्या घटकर 700 रह गई है।
इसे कुशल राजस्व प्रशासन और समयबद्ध तरीके से जनसेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सालसेटे तालुका के संयुक्त मामलतदार I, III और V ने ऑनलाइन 'फॉर्म XIII' म्यूटेशन मामलों में पेंडेंसी को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
इन कार्यालयों में ऑफलाइन म्यूटेशन मामलों पर भी तेजी से काम चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन तीन कार्यालयों में अभी भी 124 ऑफलाइन म्यूटेशन मामले लंबित हैं। इनमें संयुक्त मामलतदार I के पास 68 मामले, संयुक्त मामलतदार III के पास 40 मामले और संयुक्त मामलतदार V के पास 16 मामले शामिल हैं।
मीडिया को जानकारी देते हुए जिला कलेक्टर ने बताया कि लंबित ऑफलाइन मामले मुख्य रूप से नोटिस तामील करने (service of notice) की प्रक्रियात्मक चरण में हैं। उन्होंने कहा, "नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं। अब आगे की प्रक्रियाओं में नोटिस की तामील पूरी करना, संबंधित पक्षों से पावती (acknowledgement) प्राप्त करना, या जहां जरूरी हो, वैकल्पिक तरीके से नोटिस तामील करना और तय प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा करना शामिल है।"
उन्होंने आगे कहा, "ऑनलाइन 'फॉर्म XIII' मामलों में पेंडेंसी को शून्य करना, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और लगन को दर्शाता है। दक्षिण गोवा जिला कलेक्ट्रेट विशेष कैंपों और नियमित समीक्षाओं के जरिए म्यूटेशन मामलों की निगरानी कर रहा है। हमारा जोर बची हुई प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा करने और ऑफलाइन मामलों का भी जल्द से जल्द निपटारा करने पर है।"
पोंडा तालुका में लंबित मामलों की कुल संख्या घटकर 36 रह गई है, जिसमें एक ऑनलाइन मामला भी शामिल है।
मोरमुगाओ तालुका के बारे में कलेक्टर ने बताया कि वहां ऑनलाइन मामलों की पेंडेंसी शून्य है। उन्होंने आगे कहा, "तालुका में अभी लगभग 55 मामले लंबित हैं, जो विभिन्न अनुपालनों (compliances) के कारण अटके हुए हैं। लगभग 10 फाइलें इसलिए लंबित हैं क्योंकि उन पर आपत्तियां हैं। मामले की सुनवाई के दौरान मामलतदारों को इन पर विचार करना होगा, जबकि बाकी मामलों में नोटिस जारी किए जा रहे हैं।"
कलेक्टर ने मामलों में अनधिकृत प्रतिनिधित्व पर रोक लगाई
मडगांव: दक्षिण गोवा की जिला कलेक्टर एग्ना क्लीटस ने मामलतदारों और संयुक्त मामलतदारों को आदेश दिया है कि वे म्यूटेशन (जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव) से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान, बिना वकालतनामा या पावर ऑफ अटॉर्नी (अधिकार पत्र) वाले किसी भी व्यक्ति को स्वीकार न करें।
यह आदेश तब जारी किया गया जब दक्षिण गोवा एडवोकेट्स एसोसिएशन ने शिकायत की कि अदालतों में बिना किसी वैध दस्तावेज के कुछ लोग अनधिकृत रूप से दखल दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "मेरे आदेश में मामलतदारों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति को स्वीकार न करें जो खुद को किसी पक्ष का प्रतिनिधि बताता हो, लेकिन जिसके पास वकालतनामा या पावर ऑफ अटॉर्नी न हो; यही बात उन लोगों पर भी लागू होती है जो खुद को संबंधित पक्षों का रिश्तेदार बताते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "अदालत के सामने जो भी व्यक्ति किसी पक्ष का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, उसे ये दस्तावेज पेश करने होंगे।"
व्यवस्था में जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए, कलेक्टर ने बताया कि उन्होंने म्यूटेशन सेक्शन के कर्मचारियों में फेरबदल (reshuffle) करने का भी आदेश दिया है।