वास्को: वास्को के विधायक कृष्णा सालकर ने मोर्मुआओ म्युनिसिपल काउंसिल (MMC) के चीफ ऑफिसर सिद्धि विनायक नाइक (जिनका अब तबादला हो चुका है) के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है। सालकर का आरोप है कि नाइक ने कई इमारतों को नोटिस जारी करते समय उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया और निवासियों के बीच दहशत पैदा की, ताकि उनकी (सालकर की) छवि खराब हो सके।
सालकर ने कहा कि उनके वकील जल्द ही नाइक के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे। वे मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से भी मुलाकात करेंगे और इस अधिकारी के आचरण की विजिलेंस जांच कराने तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
नोटिस जारी करने के तरीके पर नाराजगी जताते हुए सालकर ने कहा कि उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों से विशेष रूप से दो इमारतों को प्राथमिकता देने के लिए कहा था, जो उनके अनुसार खतरनाक हालत में थीं — बैना स्थित प्रेमावती बिल्डिंग और राघवेन्द्र बिल्डिंग। उन्होंने कहा, "मैंने कहा था कि प्रेमावती बिल्डिंग (जो बहुत खतरनाक हालत में है) और बैना की राघवेन्द्र बिल्डिंग को प्राथमिकता के आधार पर नोटिस जारी किए जाएं। मैंने खुद वहां जाकर देखा था कि लोग बेहद खतरनाक स्थितियों में रह रहे हैं।"
इसके बजाय, नाइक ने लगभग 40 इमारतों को नोटिस जारी कर दिए और आरोप है कि इस प्रक्रिया में उन्होंने सालकर के नाम का इस्तेमाल किया। विधायक ने आरोप लगाया, "मैंने इन 40 इमारतों का जिक्र नहीं किया था। ऐसी इमारतों की पहचान करना और नोटिस जारी करना उनकी जिम्मेदारी थी, लेकिन उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में मुझे भी घसीटने की कोशिश की।"
सालकर ने उन इमारतों को नोटिस जारी किए जाने पर भी सवाल उठाया, जहां मरम्मत का काम पूरा हो चुका था और ढांचे को मजबूत कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि ऐसी चार इमारतों को नोटिस मिले हैं। एक और इमारत, जिसे गिराकर फिर से बनाया गया था और जिसमें लोग रहने भी आ गए थे, उसे भी नोटिस भेज दिया गया।
सालकर ने नाइक पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिना किसी जांच-पड़ताल के नोटिस जारी किए, ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके और लोगों के बीच दहशत फैलाई जा सके। सालकर ने कहा कि वे खुद मुख्यमंत्री के सामने यह मामला उठाएंगे और अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
यह टकराव विधायक और MMC चीफ ऑफिसर के बीच चल रहे उस विवाद का हिस्सा है, जो आग से प्रभावित 'संडे मार्केट' के दुकानदारों को बेदखली के नोटिस भेजने और कथित तौर पर जर्जर इमारतों को लेकर जारी किए गए नोटिसों के कारण और गहरा गया है। सालकर ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री से उनके खिलाफ विजिलेंस जांच कराने का भी अनुरोध करूंगा, क्योंकि ऐसे अधिकारी अहंकारी होते हैं। वे लोगों को बदनाम करने की कोशिश करते हैं और जनता के बीच घबराहट फैलाते हैं। अब समय आ गया है कि उन्हें सही रास्ते पर लाया जाए और सबक सिखाया जाए। मैं इस मामले को इसके तार्किक अंजाम तक ले जाऊंगा और मुख्यमंत्री से आग्रह करूंगा कि वे ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई करें।"
यह ताजा टकराव वास्को के विधायक और MMC के CO के बीच चल रहे उस विवाद के बीच हुआ है, जो आग से प्रभावित 'संडे मार्केट' के दुकानदारों को बेदखली का नोटिस जारी किए जाने को लेकर शुरू हुआ था।