पणजी: गोवा राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) ने मोपा स्थित मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए मूल मास्टर प्लान और स्वीकृत बिल्डिंग प्लान मांगे हैं। यह कदम हवाई अड्डा परिसर के भीतर प्रस्तावित दो विकास कार्यों के लिए अलग-अलग पर्यावरण मंजूरी (EC) आवेदनों को वापस लेने के अनुरोधों पर निर्णय लेने से पहले उठाया गया है।
इन प्रस्तावों को, 'इंटरचेंज, मोपा गोवा' नामक कमर्शियल प्रोजेक्ट के लिए 'रिटेल ऑर्बिट प्राइवेट लिमिटेड' और एक होटल के लिए 'वेलोरा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा पेश किया गया था। इन पर 7 अक्टूबर को आयोजित SEIAA की 201वीं बैठक में चर्चा की गई।
कंपनियों और हवाई अड्डे के डेवलपर GMR के प्रतिनिधियों ने प्राधिकरण को बताया कि 28 अक्टूबर 2015 को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा इस ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए दी गई पर्यावरण मंजूरी में 'एयरपोर्ट सिटी' का विकास पहले से ही शामिल है, इसलिए किसी अलग मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। इसलिए, उन्होंने अपने आवेदनों को वापस लेने की अनुमति मांगी।
'रिटेल ऑर्बिट' ने 8 जुलाई 2026 को पेरनेम तालुका के कासरवर्नेम गांव में, मोपा हवाई अड्डा क्षेत्र के भीतर प्लॉट नंबर CP-06-P1 पर एक कमर्शियल बिल्डिंग और निर्माण परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी हेतु आवेदन किया था। कंपनी ने 9,66,334 रुपये की प्रोसेसिंग फीस जमा की थी, लेकिन बाद में अपना आवेदन वापस लेने और फीस रिफंड करने का अनुरोध किया।
कंपनी को मोपा हवाई अड्डा स्थल पर 'रिटेल इंटरचेंज' विकसित करने का काम सौंपा गया है। यह प्रस्तावित कमर्शियल विकास, व्यापक 'एयरपोर्ट-सिटी' विकास का हिस्सा है। इसके साथ ही GMR द्वारा जमीन के मौद्रीकरण (land monetisation) की अन्य पहलें भी की जा रही हैं, जिसमें एक बड़ा MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन) होटल प्रोजेक्ट भी शामिल है।
इसके अलावा, 'वेलोरा हॉस्पिटैलिटी' ने 30 अप्रैल 2026 को मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास, GMR एयरोसिटी गोवा में प्लॉट नंबर CP01-P5 (एसेट एरिया 4) पर एक होटल के लिए पर्यावरण मंजूरी हेतु आवेदन किया था।
प्रस्तावित होटल में 205 कमरे होंगे और इसमें जिम, स्विमिंग पूल, स्पा, कैसीनो और बैंक्वेट हॉल जैसी सुविधाएं होंगी। यह प्रोजेक्ट 9,631.50 वर्ग मीटर के प्लॉट पर प्रस्तावित है, जिसका कुल निर्माण क्षेत्र 27,352.72 वर्ग मीटर है। इस इमारत में दो बेसमेंट, एक ग्राउंड फ्लोर और छह ऊपरी मंजिलें होंगी।
वेलोरा ने अपना आवेदन वापस लेने का अनुरोध भी किया, और तर्क दिया कि प्रस्तावित विकास कार्य एयरपोर्ट को पहले से मिली पर्यावरण मंजूरी (एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस) के दायरे में ही आता है।
विचार-विमर्श के बाद, SEIAA ने प्रोजेक्ट प्रस्तापकों को निर्देश दिया कि वे 2015 में एयरपोर्ट को मिली पर्यावरण मंजूरी के समय स्वीकृत मूल मास्टर प्लान और बिल्डिंग प्लान जमा करें। साथ ही, इसके बाद किए गए सभी संशोधनों का विवरण और उनकी प्रतियां भी उपलब्ध कराएं।
अथॉरिटी ने कहा कि आवेदन वापस लेने के अनुरोधों पर आगे विचार करने से पहले इन दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
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