पणजी: गोवा में नया लो-टेंशन बिजली कनेक्शन लेना जल्द ही तेज़ और आसान हो सकता है। जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (JERC) ने बिजली सप्लाई के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इससे नए बिजली कनेक्शन देने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और लो-टेंशन (LT) ग्राहकों के लिए प्रक्रियाएं आसान हो जाएंगी।
ड्राफ्ट नियमों के तहत, गोवा इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट समेत डिस्ट्रिब्यूशन लाइसेंस रखने वाली कंपनियों को LT कनेक्शन देने से पहले इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन का इंस्पेक्शन या टेस्टिंग करने की ज़रूरत नहीं होगी। इसके बजाय, ग्राहकों को तय फॉर्मेट में इलेक्ट्रिकल सुरक्षा का सेल्फ-सर्टिफिकेशन जमा करने की इजाज़त होगी, जिससे कागज़ी काम कम होगा और मंज़ूरी तेज़ी से मिलेगी।
प्रस्तावित बदलावों में नए कनेक्शन देने और लोड बढ़ाने की मंज़ूरी के लिए सख्त समय-सीमा भी तय की गई है।
जहां मौजूदा बिजली नेटवर्क बिजली सप्लाई करने में सक्षम है, वहां गोवा इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट जैसी कंपनियों को पूरा आवेदन मिलने की तारीख से शहरी इलाकों में तीन दिन, ग्रामीण इलाकों में सात दिन और ग्रामीण द्वीप इलाकों में 15 दिन के भीतर कनेक्शन देना होगा।
जिन आवेदनों में नेटवर्क विस्तार, ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाना या नए सब-स्टेशन बनाना ज़रूरी है, उनके लिए कंपनियों को 90 दिनों के भीतर काम पूरा करके सप्लाई देनी होगी।
रेगुलेटर ने मुआवज़े के नियमों में भी बदलाव का प्रस्ताव दिया है, जिसका मकसद ग्राहकों को सर्विस देने में होने वाली देरी को दूर करना है।
इस प्रस्ताव से घरों, छोटे व्यवसायों और अन्य LT ग्राहकों को फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि इंतज़ार का समय कम होगा और प्रक्रिया से जुड़ी रुकावटें घटेंगी। इसका मकसद सर्विस डिलीवरी के स्टैंडर्ड को बेहतर बनाना और बिजली वितरण एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ाना भी है।
इस बीच, JERC ने इन ड्राफ्ट नियमों पर स्टेकहोल्डर्स से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। आम जनता को इस साल 19 अक्टूबर तक secy.jercuts@gov.in पर ईमेल के ज़रिए या 'सेक्रेटरी, जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन, उद्योग विहार फेज-IV, गुरुग्राम' को लिखित रूप में अपने विचार भेजने होंगे।
प्रस्तावित बदलाव कंसल्टेशन की प्रक्रिया पूरी होने और अंतिम नियमों के नोटिफ़ाई होने के बाद लागू होंगे।
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