GOA गोवा। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पिछले सौ वर्षों में राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि “अखंड भारत” की अवधारणा को साकार रखने में आरएसएस का योगदान अतुलनीय है और इस संगठन ने हमेशा देशभक्ति, संस्कार और सेवा की भावना को समाज में जीवित रखा है। प्रमोद सावंत ने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सौ वर्षों में न केवल राष्ट्र की चेतना को मजबूत किया है, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने का काम किया है। आरएसएस का कार्य केवल राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरण का भी प्रतीक है।”
उन्होंने बताया कि आज देश जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है — चाहे वह सामाजिक विभाजन हो, सांस्कृतिक असंवेदनशीलता या राष्ट्रविरोधी विचारधाराएं — आरएसएस ने हमेशा इन सबका जवाब सेवा और संगठन के माध्यम से दिया है। सावंत ने यह भी कहा कि भारत की प्राचीन परंपराएं, मूल्य और सभ्यता को जीवित रखने में आरएसएस ने अहम भूमिका निभाई है। “संघ ने देश में राष्ट्रीय चरित्र निर्माण की प्रक्रिया को मजबूत किया है। स्कूलों, गांवों और समाज के सबसे निचले स्तर तक संघ के कार्यकर्ताओं ने सेवा, शिक्षा और राष्ट्रभक्ति का संदेश फैलाया है,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में आरएसएस जैसी संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, “देश को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने के लिए जिस अनुशासन, निष्ठा और संगठन की जरूरत है, वह आरएसएस के कार्य में दिखती है। यह संगठन भारत के हर नागरिक को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आरएसएस के सेवा कार्यों से प्रेरणा लेकर समाज कल्याण में अपनी भूमिका निभाएं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रमोद सावंत का यह बयान उस समय आया है जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विभिन्न राज्यों में आयोजन कर रहा है। गोवा सरकार और संघ के बीच लंबे समय से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, और राज्य में कई सामाजिक योजनाओं में संघ की सहभागिता भी देखी गई है।