पणजी: गोवा चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (GCCI) ने छोटे व्यवसायों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए 'ग्राउंड फ्लोर लैब्स' और 'नोमैडगाओ' (NomadGao) के साथ साझेदारी की है। इसके तहत 13 से 29 अक्टूबर तक मांद्रेम में तीन हफ़्ते का मुफ़्त AI रेजीडेंसी प्रोग्राम चलाया जाएगा।
यह पहल सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विभाग के 'स्टार्टअप और IT प्रमोशन सेल' (SITPC) के साथ मिलकर आयोजित की जा रही है।
इस प्रोग्राम का मकसद स्थानीय व्यवसायों को रोज़मर्रा के कामकाज में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को हल करने के लिए AI को समझने और उसका इस्तेमाल करने में मदद करना है।
आयोजकों ने बताया कि इस रेजीडेंसी में 10 से 15 AI बिल्डर्स और रिसर्चर्स शामिल होंगे। वे 50 से 100 स्थानीय व्यवसाय मालिकों के साथ सीधे काम करेंगे और ऑपरेशन्स, मार्केटिंग, एनालिटिक्स, कस्टमर कम्युनिकेशन, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अन्य व्यावसायिक कार्यों पर ध्यान देंगे।
आम वर्कशॉप के उलट, जो ज़्यादातर थ्योरी पर केंद्रित होती हैं, यह रेजीडेंसी प्रैक्टिकल लर्निंग और भाग लेने वाले व्यवसायों के लिए कस्टमाइज़्ड AI समाधान बनाने पर ज़ोर देगी। इसमें भाग लेने के लिए AI की पहले से कोई जानकारी होना ज़रूरी नहीं है।
इस प्रोग्राम में 13 अक्टूबर से हर मंगलवार और गुरुवार को दो-दो घंटे के छह प्रैक्टिकल सेशन होंगे। तीन हफ़्ते की रेजीडेंसी के दौरान प्रतिभागियों को 'ओपन बिल्ड आवर्स' और AI एक्सपर्ट्स से खास मदद भी मिलेगी।
हिस्सा लेने वाले व्यवसायों के पास उनके लिए बनाए गए समाधानों का मालिकाना हक रहेगा और उन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल में मदद के लिए लिखित गाइड भी मिलेंगी।
यह प्रोग्राम अंग्रेज़ी, कोंकणी, हिंदी और मराठी भाषाओं में मुफ़्त आयोजित किया जाएगा।
GCCI की डिप्टी डायरेक्टर अंबिका धाकेंकर ने कहा कि AI प्रोडक्टिविटी, कस्टमर एंगेजमेंट और कॉम्पिटिटिवनेस को बेहतर बनाने के बड़े मौके देता है। हालाँकि, कई छोटे व्यवसायों को यह समझने में मुश्किल होती है कि इस टेक्नोलॉजी को उनकी खास ज़रूरतों के हिसाब से कैसे इस्तेमाल किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद AI एक्सपर्ट्स और उद्यमियों को एक साथ लाकर उस अंतर को कम करना है, ताकि असल दुनिया की व्यावसायिक समस्याओं के लिए व्यावहारिक समाधान तैयार किए जा सकें।
धाकेंकर ने ज़ोर दिया कि AI का इस्तेमाल सिर्फ़ बड़ी कंपनियों और टेक्नोलॉजी फर्मों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें पूरे गोवा के MSME, परिवार द्वारा चलाए जाने वाले उद्यम और पारंपरिक व्यवसाय भी शामिल होने चाहिए। ग्राउंड फ्लोर लैब्स ने पहले जून 2026 में कैलिफ़ोर्निया के हील्ड्सबर्ग में एक पायलट प्रोग्राम चलाया था। नोमैडगाओ (NomadGao) गोवा में स्थित एक को-लिविंग और को-वर्किंग कम्युनिटी है, जो टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स और डिजिटल नोमैड्स के बड़े नेटवर्क से जोड़कर इस पहल में सहयोग करती है।
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