भाजपा नेता के बयान पर मचा विवाद, CM ने दी सफाई

Update: 2026-07-23 09:57 GMT

गोवा: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य भाजपा उपाध्यक्ष और एनआरआई आयुक्त नरेंद्र सावईकर की विवादित सोशल मीडिया पोस्ट का बचाव किया है। सावंत ने कहा कि सावईकर की ओर से की गई 'कॉकरोच और दीमक' वाली पोस्ट का संबंध देश के युवाओं से नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पोस्ट को राजनीतिक नजरिए से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

दरअसल, भाजपा नेता नरेंद्र सावईकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत के नक्शे की एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें कॉकरोच और दीमक जैसे जीव दिखाए गए थे। इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा था, "कॉकरोच और दीमक! राष्ट्र को बचाओ!" पोस्ट सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था।

विपक्षी दलों ने इस पोस्ट को नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे छात्रों के आंदोलन से जोड़ते हुए भाजपा नेता पर निशाना साधा था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि यह पोस्ट युवाओं और छात्रों को निशाना बनाने वाली है। पार्टी ने सावईकर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की थी।

बुधवार को पणजी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि इस पोस्ट को गलत अर्थों में लिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें इस्तेमाल किए गए कॉकरोच और दीमक जैसे शब्दों का देश के युवाओं से कोई लेना-देना नहीं है।

सीएम सावंत ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए किसी भी बयान को अपने तरीके से पेश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेता की पोस्ट को युवाओं के खिलाफ बताना पूरी तरह गलत है।

गौरतलब है कि इन दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक समूह भी इस आंदोलन में चर्चा में आया है। इसी वजह से सावईकर की पोस्ट को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे।

कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब देश के युवा परीक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं सामने रख रहे हैं, तब इस तरह की भाषा का इस्तेमाल संवेदनशीलता की कमी दिखाता है। विपक्ष ने भाजपा से इस मामले में जवाब मांगा था।

वहीं भाजपा की ओर से कहा जा रहा है कि पोस्ट का उद्देश्य किसी वर्ग या युवाओं को निशाना बनाना नहीं था। मुख्यमंत्री सावंत ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि संदेश को गलत तरीके से समझा गया है।

नरेंद्र सावईकर गोवा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और वर्तमान में एनआरआई आयुक्त की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे राष्ट्रहित से जुड़ा संदेश बताया, जबकि कई लोगों ने इसकी भाषा पर आपत्ति जताई।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के बीच यह विवाद सामने आने से मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। हालांकि मुख्यमंत्री के बयान के बाद भाजपा ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि पोस्ट का उद्देश्य युवाओं को लेकर कोई टिप्पणी करना नहीं था।

फिलहाल इस मामले में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बयानबाजी जारी है। कांग्रेस जहां इसे छात्रों के सम्मान से जोड़ रही है, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक विवाद बताकर खारिज कर रही है।

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