गोवा में श्रावण मास महोत्सव में पहुंचे CM प्रमोद सावंत धार्मिक आयोजन में हुए शामिल
GOA गोवा: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को सालिगाओ में आयोजित श्रावण मास महोत्सव 2026 में हिस्सा लिया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने राज्य की परंपराओं और आस्था से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। श्रावण मास महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने आयोजन में शामिल होकर लोगों से मुलाकात की और महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा की संस्कृति और परंपराएं राज्य की पहचान हैं। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी जड़ों और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं। श्रावण मास हिंदू परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इस दौरान भगवान शिव की पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। गोवा में भी श्रावण महीने के दौरान कई स्थानों पर विशेष पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
सालिगाओ में आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक गतिविधियों की झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य में सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करती है, जो लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि गोवा केवल पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। ऐसे उत्सव राज्य की पहचान को और मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई स्थानीय प्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आयोजकों की सराहना की। श्रावण मास महोत्सव 2026 के आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी को आयोजन के लिए महत्वपूर्ण बताया। गोवा सरकार लगातार राज्य की सांस्कृतिक गतिविधियों और पारंपरिक आयोजनों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। श्रावण मास महोत्सव भी इसी सांस्कृतिक विरासत का एक हिस्सा है।