गाजियाबाद: एमएमजी अस्पताल के सीटी स्कैन सेंटर में मरीजों को जांच रिपोर्ट सही नहीं मिल रही है. किडनी में पथरी की शिकायत के बाद मरीज की कराई गई सीटी स्कैन की जांच में अलग-अलग रिपोर्ट दी गई है. यहीं नहीं रिव्यू रिपोर्ट में मरीज के पथरी की जगह पेट में गांठ बता दी. इस मामले की शिकायत अस्पताल के सीएमएस से की गई है. सीएमएस ने सेंटर से स्पष्टीकरण मांगा है.

विजय नगर के शिवपुरी में रहने वाले संजीव शर्मा को कमर की बाईं ओर दर्द हो रहा था. एमएमजी अस्पताल में उनका अल्ट्रासाउंड हुआ तो डॉक्टर ने लेफ्ट किडनी में सूजन और पथरी होने की बात कहते हुए सीटी स्कैन करवाने की सलाह दी. संजीव शर्मा ने 22 को सीटी स्कैन करवाया, रिपोर्ट 23 को मिली. रिपोर्ट में बताया गया था कि लेफ्ट किडनी पूरी तरह से सही है और राइट किडनी में 4 एमएम के स्टोन हैं. इससे संजीव शर्मा शर्मा भ्रमित हो गए और डॉक्टर के कहने पर 25 को बारा से सीटी स्कैन करवाया. दूसरी बार हुए सीटी स्कैन की रिपोर्ट में बताया गया कि नों किडनी सही हैं और किसी में भी स्टोन नहीं है. संजीव शर्मा और ज्यादा परेशान हो गए. उन्होंने रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाई तो उन्होंने नों का रिव्यू करवाने की सलाह दी.

सीटी स्कैन सेंटर की रिपोर्टिंग लखनऊ से होती है. रोडियोलॉजिस्ट स्थान पर बैठकर रिपोर्ट बनाते हैं और ऑनलाइन भेजते हैं. मरीज संजीव की शिकायत पर वह अलग-अलग रिपोर्ट पर सीटी सेंटर से स्पष्टीकरण मांगेगे.

डॉ. राकेश कुमार, सीएमएस, एमएमजी अस्पताल

समीक्षा रिपोर्ट में पेट में बता दिया गांठ

एमएमजी अस्पताल के सीटी स्कैन सेंटर की ओर से नों बार किए गए सीटी स्कैन का रिव्यू (समीक्षा) करवाया गया. रिव्यू रिपोर्ट में बताया गया कि संजीव शर्मा की नों किडनी सही हैं, उनमें न सूजन है और न ही स्टोन, लेकिन पेट में गांठ जरूर है. इसके बाद संजीव शर्मा बुरी तरह से परेशान हो गए. संजीव का कहना है कि उन्हें क्या बीमारी है, इसका पता बार अल्ट्रासाउंड और बार सीटी स्कैन पर भी नहीं चल पा रहा है. मामले में संजीव शर्मा ने एमएमजी अस्पताल के सीएमएस से शिकायत की है. रिव्यू रिपोर्ट से डॉक्टर भी संशय में हैं कि वह उप किस बीमारी का करें.

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