Rajnandgaon. राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में धार्मिक आयोजन के दौरान नशे की हालत में हंगामा करने वाले युवक के खिलाफ पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। लालबाग थाना क्षेत्र के ग्राम बुद्धुभरदा में भंडारा और हवन कार्यक्रम के दौरान एक युवक द्वारा कथित रूप से नशा कर उत्पात मचाने का मामला सामने आया है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह शांत नहीं हुआ। इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित विवाद को रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर अनुविभागीय दंडाधिकारी राजनांदगांव के समक्ष पेश किया।
भंडारा और हवन कार्यक्रम के दौरान मचाया हंगामा
जानकारी के अनुसार, घटना 19 अक्टूबर की है। लालबाग थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बुद्धुभरदा में धार्मिक आयोजन के तहत भंडारा और हवन कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान गांव निवासी 25 वर्षीय मनीष यादव ने कथित तौर पर नशे की हालत में हंगामा करना शुरू कर दिया। युवक के व्यवहार से कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न होने की स्थिति बन गई। धार्मिक आयोजन में शामिल लोगों ने युवक को शांत कराने का प्रयास किया। उसे समझाया गया कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति या विवाद पैदा न करे। इसके बावजूद युवक के व्यवहार में सुधार नहीं होने की बात सामने आई।
समझाने के बाद भी नहीं माना युवक
पुलिस के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान युवक के हंगामे को देखते हुए वहां मौजूद लोगों और पुलिस पार्टी ने उसे समझाइश दी। युवक से शांति बनाए रखने और अनुचित गतिविधियां बंद करने के लिए कहा गया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि बार-बार समझाने के बावजूद वह नहीं माना। ऐसी स्थिति में कार्यक्रम स्थल पर कानून-व्यवस्था प्रभावित होने और किसी संज्ञेय अपराध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धाराओं में की कार्रवाई
लालबाग पुलिस ने मनीष यादव के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। इन प्रावधानों का उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में शांति व्यवस्था बनाए रखना और संभावित अपराध को रोकना है, जहां किसी व्यक्ति के आचरण से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद युवक को गिरफ्तार कर अनुविभागीय दंडाधिकारी राजनांदगांव के समक्ष पेश किया।
एसडीएम के समक्ष पेश किया गया युवक
पुलिस के अनुसार, युवक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई इसलिए की गई, क्योंकि समझाने के बावजूद वह शांत नहीं हो रहा था और संभावित संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप जरूरी समझा गया। इसके बाद आरोपी मनीष यादव को एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। हालांकि, न्यायालय की ओर से आगे क्या आदेश पारित किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
धार्मिक आयोजनों में शांति बनाए रखना जरूरी
गांवों और शहरों में आयोजित होने वाले भंडारा, हवन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा नशे की हालत में हंगामा करने से कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। पुलिस की प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का उद्देश्य संभावित विवाद को समय रहते रोकना और सार्वजनिक शांति बनाए रखना होता है। ग्राम बुद्धुभरदा में हुई इस घटना में भी पुलिस ने युवक को पहले समझाने का प्रयास किया। इसके बाद स्थिति को देखते हुए कानूनी कार्रवाई की गई। फिलहाल पुलिस ने युवक को अनुविभागीय दंडाधिकारी के समक्ष पेश कर दिया है। यह मामला सार्वजनिक आयोजनों में अनुशासन और शांति व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता को सामने लाता है।