अमरजीत-अरुण वोरा के बेटे समेत 35 का दिल्ली में इंटरव्यू
रायपुर। प्रदेश युवक कांग्रेस के चुनाव को लेकर गहमा-गहमी तेज हो गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेशभर से अध्यक्ष पद के करीब 35 दावेदारों का दिल्ली में इंटरव्यू हुआ। इनमें पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बेटे आदित्य, पूर्व विधायक अरुण वोरा के बेटे संदीप और कुनकुरी नगर पंचायत के अध्यक्ष विनयशील समेत कई अन्य शामिल थे। खबर है कि इंटरव्यू के लिए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के भतीजे आदित्येश्वरशरण सिंहदेव को भी बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने सूचना दे दी कि वे चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं। चुनाव जुलाई के पहले सप्ताह में होने की संभावना है।
युवक कांग्रेस चुनाव को लेकर कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। युवक कांग्रेस की राष्ट्रीय इकाई ने प्रदेशभर के 35 दावेदारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया था। इंटरव्यू पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब और प्रभारी मनीष शर्मा ने लिया।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इंटरव्यू के लिए बुलाए गए नेताओं में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बेटे आदित्य और पूर्व विधायक अरुण वोरा के बेटे संदीप भी शामिल हैं। दोनों ही युवक कांग्रेस में काफी सक्रिय हैं। इसके अलावा कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील, बलौदाबाजार-भाटापारा के जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र बंजारे, बिलासपुर के माघवेन्द्र गंगोत्री, लोकेश वशिष्ठ, बस्तर के जीशान कुरैशी और हनी बग्गा का भी इंटरव्यू हुआ। इसके अलावा सोनू शर्मा सहित कुछ अन्य नेताओं का भी इंटरव्यू लिया गया। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के भतीजे आदित्येश्वरशरण सिंहदेव को भी इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते। बताया गया कि इंटरव्यू में सफल होने वाले नेताओं को ही चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाएगी। अध्यक्ष पद के साथ-साथ 12 उपाध्यक्ष पदों के लिए भी चुनाव होना है। अगले दो-तीन दिनों में अध्यक्ष पद के पात्र उम्मीदवारों की सूची जारी होने की संभावना है। चुनाव 1 से 5 जुलाई के बीच हो सकते हैं। चुनाव में बड़े नेताओं की भी दिलचस्पी बताई जा रही है। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 21 से 25 जून तक चलेगी। फिलहाल, पात्र दावेदारों की सूची का इंतजार किया जा रहा है।
जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा
इस बीच जमीन व संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं में भी चुनाव लड़ने को लेकर उत्साह है लेकिन पार्टी में शीर्ष स्तर पर संगठन के नेताओं द्वारा नेता पुत्रों और आर्थिक रूप से संपन्न कार्यकताओं को ही तवज्जो दिए जाने से निराशा भी है। आम कार्यकर्ता भी चुनाव लड़कर अपनी योग्यता साबित करना चाहते हैं और संठगन को मजबूत करने का इरादा रखते हैं लेकिन में शीर्ष स्तर पर नेता पुत्रों और पैसे वालों को तवज्जों मिलने से पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा डोलती है। राजधानी में ही कई युवा नेताओं ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है लेकिन पार्टी और संगठन के रवैये को लेकर उनमें नाराजगी साफ नजर आ रही है।