युवती से 46 हजार की मांग, पैसे न देने पर बंधक बनाया, 3 पर केस दर्ज

छग

Update: 2026-06-19 13:38 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवती से पैसे वसूलने, दबाव बनाने और बंधक बनाकर रखने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सुकमा जिले के मस्तानपारा निवासी युवती किरण नाग से जुड़ा है, जो नौकरी की तलाश में रायपुर आई थी। शिकायतकर्ता आयतु राम बेसरा के अनुसार, उनकी साली किरण नाग को रायपुर बुलाकर पहले ट्रेनिंग और नौकरी का झांसा दिया गया। इसके बाद उसे बेहतर पद और अधिक वेतन वाली नौकरी दिलाने का भरोसा देकर पैसे की मांग की जाने लगी।
जानकारी के अनुसार, 11 जून को युवती खमतराई क्षेत्र स्थित श्रीनगर रोड के एक ट्रेनिंग सेंटर पहुंची थी। यहां उसका इंटरव्यू लिया गया और उसके शैक्षणिक दस्तावेज, आधार कार्ड तथा फोटो जमा करा लिए गए। इसके बाद उससे रहने और खाने के नाम पर 2500 रुपये वसूले गए। शिकायत में बताया गया है कि चार दिनों तक ट्रेनिंग देने के बाद उसे यह कहा गया कि उसका चयन हो चुका है और उसे नौकरी दी जाएगी। इसके बाद सेंटर से जुड़े लोगों ने 15 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी के लिए 46 हजार रुपये की मांग रखी। आरोप है कि जब युवती ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो उस पर लगातार दबाव बनाया गया। उसे कम वेतन वाली नौकरी का विकल्प भी दिया गया, लेकिन इसके साथ भी पैसे देने की शर्त जोड़ दी गई।
शिकायत में यह भी आरोप है कि युवती को कहा गया कि अगर वह पैसे नहीं दे सकती तो घर की जमीन-जायदाद बेचकर या गिरवी रखकर रकम की व्यवस्था करे। लगातार दबाव के कारण युवती ने अपने परिवार को जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने किसी तरह 15 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे। परिजनों का आरोप है कि इसके लिए गांव की जमीन गिरवी रखनी पड़ी। इसके बावजूद आरोपियों द्वारा शेष 31 हजार रुपये की मांग लगातार की जाती रही। पीड़िता के अनुसार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और लगातार निगरानी में रखा गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि युवती को मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करने दिया जाता था और केवल पैसे मांगने के लिए ही परिवार से बात करने की अनुमति दी जाती थी। बाकी समय उससे मोबाइल छीन लिया जाता था।
आरोप है कि पैसे जमा नहीं करने पर उसे नौकरी से वंचित करने और निगरानी में रखने की धमकी दी जा रही थी। इस पूरे घटनाक्रम से परेशान होकर युवती ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद 17 जून को परिजन और पुलिस रायपुर पहुंचे, जहां युवती से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने पूरी घटना का खुलासा किया। इसके बाद खमतराई थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ट्रेनिंग सेंटर की भूमिका, दस्तावेजों की जांच, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए गए हैं और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस तरह अन्य युवाओं को भी नौकरी का झांसा देकर ठगी का शिकार तो नहीं बनाया गया है। स्थानीय स्तर पर इस घटना के सामने आने के बाद नौकरी की तलाश में आने वाले युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
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