जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म भी उसकी रक्षा करता है: बृजमोहन अग्रवाल
छग
Raipur. रायपुर। स्वामी दयानंद सरस्वती ने सनातन धर्म की रक्षा और पुनरुद्धार के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने संपूर्ण जीवन को वेदों के प्रचार, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और मानव सेवा को समर्पित किया। उनके इन्हीं सपनों को साकार करने के संकल्प के साथ आर्य समाज मानव सेवा के 150 स्वर्णिम वर्ष के अवसर पर आयोजित 2 दिवसीय "धर्मरक्षा महायज्ञ एवं वैदिक सनातन संस्कृति महासम्मेलन" में सहभागिता का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस भव्य आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा को साधुवाद देता हूँ, जिन्होंने इस ऐतिहासिक मंच को साकार किया। इस अवसर पर योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा समेत कई विद्वानों की उपस्थिति में धर्म, संस्कृति और स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों पर सारगर्भित चर्चा हुई। स्वामी जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। आइए, हम सब मिलकर उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए धर्म और समाज को सशक्त, समरस तथा जागरूक बनाएं।