राजपुर ब्लॉक में वाटरशेड प्रोग्राम 2.0 से आजीविका को बढ़ावा

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Update: 2026-02-18 18:23 GMT
Rajpur. राजपुर। राजपुर ब्लॉक में हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोग्राम 2.0 के तहत आजीविका संवर्धन गतिविधियाँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना और स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। इस पहल के अंतर्गत स्व-सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर ‘दीदियाँ’ कहा जाता है, को व्यवस्थित प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधनों का सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शासन, एक्सिस बैंक, भारत रूरल लाइवलीहुड फाउंडेशन (बीआरएलएफ) और इंडियन ग्रामीण सर्विसेज (आईजीएस) के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। राजपुर ब्लॉक की 48 ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से लगभग 8,000 ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम न केवल कृषि उत्पादन को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मज़बूत करेगा।
कार्यक्रम के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को उन्नत खेती तकनीकों, सब्जी उत्पादन, जैविक खेती और आजीविका से जुड़ी अन्य गतिविधियों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्रों में आधुनिक कृषि पद्धतियों, कम लागत में अधिक उत्पादन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और बाज़ार से जुड़ाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे महिलाओं को कृषि और उद्यमिता के क्षेत्र में नई जानकारी और कौशल प्राप्त हो रहे हैं। इसके साथ ही एसएचजी की दीदियों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सामग्रियों का भी सहयोग दिया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत सब्जी बीज, स्प्रे टैंक, वर्मी बेड सहित अन्य उपयोगी उपकरण वितरित किए जा रहे हैं। इन संसाधनों के माध्यम से महिलाएँ अपनी कृषि गतिविधियों को अधिक प्रभावी और उत्पादक बना सकेंगी। स्थानीय स्तर पर सब्जी उत्पादन और जैविक खेती को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
इस पहल का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रशिक्षण और संसाधनों के सहयोग से महिलाएँ अब अपने परिवार की आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। कई ग्राम पंचायतों में महिलाएँ समूह आधारित खेती, सब्जी उत्पादन और अन्य छोटे उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। स्थानीय प्रशासन और कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोग्राम 2.0 ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि उत्पादकता में वृद्धि और ग्रामीण समुदाय के समग्र आर्थिक विकास में सहायक साबित हो रहा है। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों में सतत आजीविका के स्थायी अवसर विकसित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
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