नेहरू चौक–दर्रीघाट सड़क निर्माण में पानी लीकेज, 32 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम जारी

छग

Update: 2026-03-04 15:06 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। शहर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य के तहत जूना बिलासपुर क्षेत्र में फिलहाल डामरीकरण का काम रोक दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस हिस्से में पानी लीकेज की समस्या सामने आई है, जिसके चलते सड़क की ऊपरी परत बिछाने से पहले तकनीकी सावधानी बरती जा रही है। निर्माण एजेंसी का कहना है कि जल्दबाजी में डामर बिछाने से भविष्य में सड़क उखड़ने की आशंका बढ़ सकती है। प्रभावित स्थानों पर अभी गिट्टी डालकर मार्ग को अस्थायी रूप से समतल किया गया है, ताकि नीचे की नमी और मिट्टी पूरी तरह बैठ सके। अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर डामर की कुल तीन लेयर बिछाई जानी हैं। यदि आधार परत मजबूत नहीं हुई और नमी रहते हुए डामरीकरण कर दिया गया, तो कुछ ही महीनों में सड़क खराब हो सकती है। इसलिए पहले बेस को सुदृढ़ किया जा रहा है।

विभाग के मुताबिक लालखदान से गांधी चौक तक सड़क पर डामर की पहली लेयर बिछाई जा चुकी है। इस प्रारंभिक परत का उद्देश्य गड्ढों को भरना और राहगीरों को धूल से राहत देना है। जूना बिलासपुर और आसपास के इनर क्षेत्रों में पहली लेयर के बाद लोगों को काफी राहत मिली है, हालांकि अंतिम परत बिछने के बाद ही सड़क पूरी तरह तैयार मानी जाएगी। करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से 11 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण किया जा रहा है। चौक-चौराहों के आसपास फिलहाल काम रोका गया है, क्योंकि इन स्थानों पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। अधिकारियों का कहना है कि व्यस्त मार्गों पर अंतिम चरण में डामरीकरण किया जाएगा, ताकि लोगों को कम से कम असुविधा हो। इधर कंपनी गार्डन के पास डिवाइडर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। पहले से बने छोटे डिवाइडर की ऊंचाई बढ़ाई जा रही है।

जिससे सड़क सुरक्षा बेहतर हो सके। ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचा और स्पष्ट डिवाइडर दुर्घटनाओं की संभावना कम करेगा। इसके साथ ही लालखदान से मस्तूरी तक टू-लेन सड़क को फोरलेन में बदलने का कार्य भी प्रगति पर है। इस परियोजना को पूरा करने के लिए ठेकेदार को 18 माह का समय दिया गया है। योजना के तहत दोनों ओर सात-सात मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी और बीच में मजबूत डिवाइडर तैयार किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है, जिससे निर्माण कार्य में अब बाधा नहीं है। अभी तक गांधी चौक से लालखदान तक ही फोरलेन सड़क उपलब्ध थी, जबकि आगे मस्तूरी तक दो-लेन मार्ग से ही आवागमन होता था। फोरलेन निर्माण पूरा होने के बाद गांधी चौक से मस्तूरी तक सीधी, चौड़ी और सुरक्षित कनेक्टिविटी मिलेगी। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि यह परियोजना न केवल ट्रैफिक जाम कम करेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और व्यावसायिक विकास को भी गति देगी।
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