दिग्गज नेता। चिंतन शिविर में मंथन के बाद आनंद..उल्लास और उत्सव भी ज़रूरी है।

"अपने कार्य को गम्भीरता से लें और अपने आपको एकदम हल्के" शीर्ष नेतृत्व ने शायद यही मूल मंत्र दिया राज्य के नेताओं को




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