छत्तीसगढ़ के वाहन मालिक सावधान! रायपुर में ही 10 लाख से ज्यादा वाहन बिना HSRP; जांच की तैयारी
80% वाहन अब भी बाकी
रायपुर : छत्तीसगढ़ में लाखों वाहन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने का अभियान तय समयसीमा के बाद भी लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में करीब 42 लाख पुराने वाहन अब भी बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इनमें अकेले रायपुर जिले के 10 लाख से अधिक वाहन शामिल हैं। अब परिवहन विभाग अभियान में तेजी लाने के साथ ही जांच अभियान चलाकर नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन मालिकों पर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
प्रदेश में 52.48 लाख पुराने वाहन, केवल 10.72 लाख में लगी प्लेट
छत्तीसगढ़ में एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की व्यवस्था लागू की गई है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में ऐसे वाहनों की कुल संख्या 52.48 लाख है। इनमें अब तक केवल 10.72 लाख वाहनों पर ही एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाई जा सकी है। इसका मतलब है कि करीब 41.76 लाख वाहन अब भी इस व्यवस्था से बाहर हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अभियान की प्रगति लगभग 20.44 प्रतिशत है। यानी पांच में से करीब चार पुराने वाहनों में अब तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग पाई है। इस स्थिति ने परिवहन विभाग के सामने अभियान को समय पर पूरा करने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
रायपुर में 10 लाख से ज्यादा वाहनों पर HSRP लगना बाकी
राजधानी रायपुर में भी एचएसआरपी लगाने की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, रायपुर जिले में एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों की संख्या करीब 13.34 लाख है। इनमें से अब तक लगभग 3.06 लाख वाहनों पर ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जा सकी है। वहीं, करीब 10.28 लाख वाहन अभी भी एचएसआरपी लगने का इंतजार कर रहे हैं। रायपुर जिले में अभियान की प्रगति 23.53 प्रतिशत बताई गई है, जो प्रदेश के औसत 20.44 प्रतिशत से कुछ अधिक है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में पुराने वाहनों का बिना एचएसआरपी रहना परिवहन विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
दो कंपनियों को जिम्मेदारी
प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की जिम्मेदारी दो अधिकृत कंपनियों को सौंपी गई है। इनमें रियल मेजान इंडिया लिमिटेड और रोसमर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमिटेड शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रियल मेजान इंडिया लिमिटेड से संबंधित वाहनों में एचएसआरपी लगाने की प्रगति 23.53 प्रतिशत और रोसमर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमिटेड की प्रगति 17.35 प्रतिशत बताई गई है। दिसंबर 2024 में व्यवस्था लागू होने के बाद अभियान को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन निर्धारित समयसीमा बीतने के बावजूद लाखों वाहनों पर सुरक्षा प्लेट नहीं लग सकी है। परिवहन विभाग ने अब दोनों अधिकृत कंपनियों को पात्र वाहनों में जल्द से जल्द नंबर प्लेट लगाने के निर्देश दिए हैं।
HSRP नंबर प्लेट के लिए कितनी फीस देनी होगी?
दो पहिया वाहन ₹365.80
ती नपहिया वाहन ₹427.16
कार और हल्के मोटर वाहन ₹656.08
अन्य हल्के वाहन ₹705.64
शुल्क उपलब्ध कराई गई विभागीय जानकारी के अनुसार हैं। आवेदन के समय अंतिम देय राशि की पुष्टि करें। वाहन मालिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अधिकृत एजेंसी के माध्यम से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवानी होगी।
क्यों जरूरी है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट?
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को वाहन की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। सामान्य नंबर प्लेट की तुलना में एचएसआरपी में विशेष सुरक्षा विशेषताएं होती हैं, जिससे नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ और फर्जी प्लेट के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। एचएसआरपी में विशिष्ट पहचान संख्या और सुरक्षा संबंधी चिह्न होते हैं। इससे वाहन की पहचान की प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाने में सहायता मिलती है। वाहन चोरी और गलत नंबर प्लेट के इस्तेमाल जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।
परिवहन विभाग जल्द चलाएगा जांच अभियान
परिवहन विभाग के अपर आयुक्त डी. रविशंकर के अनुसार, सभी पात्र वाहनों में एचएसआरपी लगाने के लिए अधिकृत कंपनियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभियान में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही वाहन मालिकों को भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। परिवहन विभाग जल्द ही जांच अभियान चलाकर कार्रवाई करने की तैयारी में है। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने की निश्चित तारीख और जुर्माने की राशि के संबंध में उपलब्ध जानकारी में कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।
वाहन मालिकों को क्या करना चाहिए?
जिन वाहन मालिकों की गाड़ियां एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत हैं और उनमें अब तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है, उन्हें अपने वाहन की पात्रता जांचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्लेट लगवानी चाहिए। इसके लिए वाहन का पंजीयन विवरण तैयार रखें और परिवहन विभाग द्वारा अधिकृत सेवा प्रदाता के माध्यम से ही आवेदन करें। अनधिकृत वेबसाइटों और एजेंटों से बचना भी जरूरी है। प्रदेश में लाखों वाहनों पर एचएसआरपी लगना बाकी होने के कारण आने वाले समय में आवेदन और फिटमेंट केंद्रों पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में वाहन मालिकों के लिए समय रहते निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना सुविधाजनक रहेगा।