Bastar. बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नगरनार थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने धनपुंजी फॉरेस्ट नाका के पास बस का इंतजार कर रहे दो संदिग्ध युवकों को पकड़कर उनके कब्जे से 24.545 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 12 लाख 27 हजार 250 रुपये बताई गई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर होने वाले गांजे के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के दिशा-निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सुमीत कुमार के पर्यवेक्षण में नगरनार थाना स्तर पर विशेष टीम गठित की गई है। नगरनार थाना प्रभारी निरीक्षक विकेश तिवारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध वाहनों, बस स्टॉप और सीमावर्ती रास्तों पर निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान 23 अगस्त 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति फॉरेस्ट नाका धनपुंजी के पास संदिग्ध अवस्था में बस का इंतजार कर रहे हैं। दोनों के पास थैले, प्लास्टिक की बोरी और बैग मौजूद थे, जिनमें कथित रूप से गांजा रखा हुआ था।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए नगरनार पुलिस की टीम तत्काल धनपुंजी फॉरेस्ट नाका के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिये के आधार पर आसपास मौजूद लोगों की पहचान शुरू की। इस दौरान दो युवक सामान के साथ बस का इंतजार करते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ करने पर एक युवक ने अपना नाम चुमन बघेल और दूसरे ने बेनूधर कश्यप बताया। चुमन बघेल की उम्र 20 वर्ष है और वह ग्राम तुरपुरा के पोड़ाईगुड़ा पारा, भानपुरी थाना क्षेत्र का निवासी है। वहीं 21 वर्षीय बेनूधर कश्यप ग्राम कुम्हली, थाना भानपुरी, जिला बस्तर का रहने वाला है।
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों युवकों के पास मौजूद थैले, प्लास्टिक बोरी और बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान इनमें संदिग्ध पदार्थ से भरे पैकेट मिले। जांच करने पर पदार्थ के गांजा होने की जानकारी सामने आई। वजन कराने पर बरामद गांजे की कुल मात्रा 24.545 किलोग्राम पाई गई। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा गांजे की खेप ओडिशा से रायपुर ले जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों कथित रूप से गांजे से भरे बैग लेकर बस का इंतजार कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा ओडिशा में किस व्यक्ति से लिया गया था और रायपुर में इसे किसे सौंपा जाना था।
यह भी जांच की जा रही है कि दोनों आरोपी इससे पहले कितनी बार गांजे का परिवहन कर चुके हैं और उनके साथ कोई संगठित तस्करी नेटवर्क जुड़ा हुआ है या नहीं। पुलिस आरोपियों के संपर्कों, यात्रा मार्ग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की अगली कड़ियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ नगरनार थाने में अपराध क्रमांक 124/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख)(ii)(ग) के तहत कार्रवाई की है। गांजे को विधिवत जब्त करने के बाद दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में नगरनार थाना प्रभारी निरीक्षक विकेश तिवारी, सहायक उप निरीक्षक जदुराम बघेल, प्रधान आरक्षक अजय साहू और भीमसेन बघेल, आरक्षक दशरू नाग एवं सुकमन पांडे, डीएसएफ आरक्षक भास्कर भारद्वाज तथा सैनिक जगन्नाथ नाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बस्तर पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही है।
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