Raigarh. रायगढ़। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (National TB Elimination Programme) के तहत जिले में टी.बी. मुक्त पंचायत अभियान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 3 और 4 नवम्बर को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय, रायगढ़ के सभाकक्ष में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के दिशा-निर्देशन में तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन और नोडल अधिकारी डॉ. जय कुमारी चौधरी की अध्यक्षता में किया गया। इस दो दिवसीय सत्र में जिले के सभी विकासखंड स्तरीय महिला एवं पुरुष सुपरवाइजरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त पंचायत अभियान के तहत सभी ग्राम पंचायतों को टी.बी. मुक्त बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान सुपरवाइजरों को क्षय रोग (TB) की रोकथाम, पहचान, जांच और उपचार की संपूर्ण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने प्रजेंटेशन और व्यवहारिक सत्रों के माध्यम से टी.बी. उन्मूलन के विभिन्न चरणों को समझाया। समीक्षा बैठक के दौरान ग्राम पंचायतवार निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध टी.बी. संदेहास्पद मामलों की पहचान, जांच और रिपोर्टिंग प्रणाली की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। नोडल अधिकारी डॉ. जय कुमारी चौधरी ने बताया कि फील्ड स्तर पर काम करने वाले सुपरवाइजरों की भूमिका टी.बी. उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में सक्रिय खोज अभियान चलाकर रोगियों की शीघ्र पहचान और उपचार सुनिश्चित करना आवश्यक है। डॉ. चौधरी ने आगे कहा, “टी.बी. मुक्त पंचायत का लक्ष्य तभी साकार होगा।
जब हर स्तर पर जागरूकता, जांच और उपचार की निरंतर प्रक्रिया चलेगी। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आम जनता की संयुक्त भागीदारी जरूरी है।” बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा क्षय रोगियों के लिए निःशुल्क जांच और दवा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही पोषण सहायता राशि के माध्यम से रोगियों को उपचार के दौरान सहयोग भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्र में रिपोर्टिंग प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने, फील्ड विजिट के दौरान सटीक डाटा एकत्र करने तथा टी.बी. के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न उपाय सुझाए गए। सुपरवाइजरों को ग्राम स्तर पर टी.बी. लक्षणों की प्रारंभिक पहचान, सैंपल कलेक्शन प्रक्रिया और निक्षय पोर्टल पर डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम, नोडल अधिकारी एवं जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का सराहनीय योगदान रहा। इस पहल से रायगढ़ जिले में टी.बी. उन्मूलन की दिशा में ठोस प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है।