सामुदायिक भवन निर्माण को लेकर दो समुदाय आमने-सामने, पुलिस ने किया स्थिति नियंत्रण
छग
Bhilai. भिलाई। दुर्ग जिले के संतोषीपारा वार्ड 33 में एक सामुदायिक भवन के निर्माण को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद खड़ा हो गया। मामला तब और गंभीर हो गया जब आज भवन के भूमिपूजन के दौरान मंदिर और मस्जिद के बीच खाली जमीन पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। सूत्रों के अनुसार, विवाद में बजरंग दल के कुछ लोग स्थानीय लोगों के साथ पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। बजरंग दल ने आरोप लगाया कि पार्षद द्वारा बनाया जा रहा यह सामुदायिक भवन मस्जिद और मदरसा के उपयोग के लिए बन रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना था कि भवन बनने पर वहां होने वाले समारोह में मुस्लिम समाज मांसाहारी भोजन बनाएगा और गंदगी मंदिर के सामने फेंकी जाएगी, जिससे उनकी आस्था को ठेस पहुंचेगी। हिन्दू समाज ने मंदिर के चारों ओर बाउंड्री बनाने की भी मांग की।
विवाद बढ़ते देख पार्षद डी. शैलजा ने भूमिपूजन रोक दिया। मौके पर पुलिस भी पहुंची और सीएसपी प्रशांत पैकरा एवं छावनी थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने माहौल को शांत कराया। उन्होंने दोनों पक्षों को नगर निगम प्रशासन के पास अपनी-अपनी बात रखने की सलाह दी। पार्षद ने बताया कि सरकारी जमीन पर अधोसंरचना मद से 10 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण होना था, जिसका उद्देश्य सभी समुदायों के लिए उपयोगी सुविधा प्रदान करना था। हालांकि, निर्माण को लेकर दो समुदाय आमने-सामने हो गए। इस पूरे मामले में मुस्लिम समुदाय ने स्पष्ट किया कि वे वर्षों से भाईचारे के साथ रह रहे हैं और सामुदायिक भवन निर्माण को लेकर कोई आपत्ति नहीं रखते। यदि भवन नहीं भी बनता है तो उनका कोई विरोध नहीं होगा।
वहीं विरोध कर रहे लोग जिद पर अड़े हुए हैं कि इस जगह सामुदायिक भवन नहीं बनने दिया जाए। स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में संवेदनशीलता और शांतिपूर्ण समाधान के लिए दोनों पक्षों से संवाद शुरू करने का निर्णय लिया है। पुलिस और नगर निगम प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की हिंसा या सार्वजनिक अशांति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सामुदायिक भवन जैसे सार्वजनिक निर्माण में सभी समुदायों की सहमति लेना बेहद जरूरी है। किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस और प्रशासन की सक्रियता माहौल को नियंत्रण में रखने के लिए आवश्यक है। इस घटना ने भिलाई में साम्प्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की संवेदनशीलता को उजागर किया है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि विवाद के मामलों में शांति और संयम बनाए रखें और कानूनी माध्यम से ही अपनी समस्याओं का समाधान करें।