165 महिलाओं से धोखाधड़ी, चिटफंड कंपनी के दो एजेंट गिरफ्तार

छग

Update: 2026-06-27 08:40 GMT

रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में लंबित प्रकरणों के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत धरमजयगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 49.50 लाख रुपये की चिटफंड धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे कंपनी के दो अधिकारी आरोपी - श्याम सिंह राजपूत एवं बलराम बंजारा उर्फ बल्लू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

स्व-रोजगार और बैंक लोन के नाम पर 165 महिलाओं से ठगी

प्रकरण में ग्राम चैनपुर निवासी बाल कुमारी राठिया ने 05 दिसंबर 2024 को थाना धरमजयगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि फ्लोरा मैक्स कंपनी के संचालकों ने महिलाओं को स्व-रोजगार एवं अधिक मुनाफे का झांसा देकर व्यवसाय से जोड़ने का लालच दिया। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को समूह बनाकर बैंक से ऋण दिलाया गया तथा उनके नाम पर दुकानें खुलवाई गईं, लेकिन व्यवसाय एवं आय पर कंपनी के संचालकों ने कब्जा कर लिया। महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,700 भुगतान का वादा भी पूरा नहीं किया गया, जिससे उन पर बैंक ऋण का भारी बोझ आ गया।

जांच में सामने आया कि कंपनी के डायरेक्टर डायरेक्टर 1.अखिलेश सिंह पिता हरपाल सिंह 2. राजू सिंह पिता हरपाल सिंह और गुड़िया देवी राजपूत पति राजू सिंह एवं शाह डायरेक्टर बलराम बंजारा श्याम सिंह राजपूत और सहयोगियों ने धरमजयगढ़ क्षेत्र के चैनपुर, सिथरा, जबगा एवं जमाबीरा गांव की 165 महिलाओं से लगभग ₹49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। शिकायत पर थाना धरमजयगढ़ में अपराध क्रमांक 283/2024 धारा 318(2), 318(4), 336, 3(5) बीएनएस तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम एवं ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम, 1978 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

फ्लोरा मैक्स कंपनी के ठगी का तरीका

आरोपियों के द्वारा धरमजयगढ़ के नीचेपारा में ब्रांच खोलकर स्व-रोजगार योजना अंतर्गत अत्याधिक लाभ अर्जित करने हेतु विभिन्न व्यवसाय में संलग्न करने के लिए प्रेरित किया गया जिसमें डायरेक्टर अखिलेश सिंह के द्वारा अपनी कम्पनी में निवेश करने के लिए विभिन्न व्यवसाय में संलग्न करने का प्रस्ताव रखा गया और प्रति महिलाओं से 30,000/- (तीस हजार रूपये) जमा करने का कहा गया। अखिलेश सिंह द्वारा 10,10 महिलाओं का समूह बनाकर लगभग 165 महिलाओं को जोड़ा गया और व्यवसाय हेतू विभिन्न बैंकों से प्रत्ति महिलाओं को 30,000/- (तीस हजार रूपये) का ऋण दिलाया गया, साथ ही महिला समूहों को व्यवसाय के संचालन हेतू विभिन्न स्थानों पर दुकानें संचालित करवाई गयी धरमजयगढ में दुकान खुलवाकर ,दुकान से प्रतिदिन क्रय-विक्रय किया जाता रहा और संचालित दुकान से जो आय हुआ उसे अखिलेश सिंह द्वारा अपने पास रख लिया गया । प्रत्येक महिला को प्रतिमाह रूपये 2700/- (दो हजार सात सौ रूपये) देने का प्रलोभन दिया गया था। पर अखिलेश सिंह द्वारा उक्त राशि अर्जित कर लेने के पश्चात् भी कोई राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है और बैंक से अर्जित ऋण के किश्तों का भुगतान करने का अतिरिक्त दायित्व हो गया है।

पूर्व में मंजू चौहान सहित अन्य आरोपियों पर हो चुकी है कार्रवाई

प्रकरण में शिकायत दर्ज होते ही धरमजयगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कंपनी से जुड़ी मंजू चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके कब्जे से स्कूटी, महिलाओं की जमा राशि की रसीदें, रजिस्टर, बैंक लोन संबंधी दस्तावेज एवं कंपनी की प्रचार सामग्री जब्त की गई थी। विवेचना के दौरान अन्य आरोपी - अखिलेश सिंह राजू सिंह और गुड़िया देवी के जिला कोरबा के धोखाधड़ी मामले में जिला कोरबा में जेल में निरोध होने की जानकारी पर आरोपियों की औपचारिक गिरफ्तारी कर गिरफ्तार और प्रयोग सहित फरार आरोपी श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा और बबलू के विरुद्ध भी पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।

ऑपरेशन क्लीन हंट में दो फरार आरोपी गिरफ्तार

लंबे समय से फरार आरोपियों की तलाश में धरमजयगढ़ पुलिस लगातार पतासाजी कर रही थी। अभियान "ऑपरेशन क्लीन हंट" के दौरान मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस टीम ने श्याम सिंह राजपूत को उसके निवास हथनेवरा (जिला जांजगीर-चांपा) तथा बलराम बंजारा उर्फ बल्लू को खरसिया क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की।

 दोनों आरोपी

1. श्याम सिंह राजपूत, पिता स्व. सीताराम सिंह राजपूत, उम्र 50 वर्ष, निवासी हथनेवरा (पानी टंकी के पास), थाना चांपा, जिला जांजगीर-चांपा।

2. बलराम बंजारा उर्फ बल्लू, पिता कार्तिक राम बंजारा, उम्र 36 वर्ष, निवासी तिलडेगा (जोराडोल), थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर।


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