Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रेल संपत्ति चोरी के पुराने मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी वर्ष 2021 में दर्ज अलग-अलग मामलों में न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर पकड़े गए हैं। विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर ने दोनों के खिलाफ 28 सितंबर 2026 को अस्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। इसके बाद आरपीएफ दुर्ग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर 26 अक्टूबर को बालोद जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर में पेश किया गया।
5 साल पुराने मामलों में आरपीएफ की कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल दुर्ग द्वारा लंबे समय से लंबित मामलों में फरार और वारंटी आरोपियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत वर्ष 2021 में दर्ज रेल संपत्ति चोरी के दो मामलों में कार्रवाई की गई। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर से गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे। वारंट की तामील सुनिश्चित करने के लिए दुर्ग आरपीएफ पोस्ट प्रभारी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने मुखबिरों की मदद से आरोपियों के ठिकानों की जानकारी जुटाई और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।
दल्लीराजहरा से पकड़ा गया पहला आरोपी
पहले मामले में आरपीएफ ने केवल सिंह हलवा (44 वर्ष), पिता पुनीत राम हलवा, निवासी दल्लीराजहरा, जिला बालोद को गिरफ्तार किया है। केवल सिंह के खिलाफ आरपीएफ पोस्ट दुर्ग में अपराध क्रमांक 04/2021 दर्ज है। इस मामले का विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर में प्रकरण क्रमांक 9406/2021 है। रेल संपत्ति चोरी से जुड़े इस पुराने प्रकरण में न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके आधार पर आरपीएफ टीम ने उसकी तलाश शुरू की और मुखबिर से प्राप्त सूचना के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
दूसरे मामले में नरेन्द्र उर्फ कन्नू गिरफ्तार
दूसरे मामले में गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नरेन्द्र उर्फ कन्नू बन गोस्वामी (36 वर्ष), पिता जोईधा बन गोस्वामी, निवासी दल्लीराजहरा, जिला बालोद के रूप में हुई है। नरेन्द्र के खिलाफ आरपीएफ पोस्ट दुर्ग में अपराध क्रमांक 06/2021 दर्ज है। न्यायालय में इस मामले का प्रकरण क्रमांक 9407/2021 है। विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर ने इस मामले में भी 28 सितंबर 2026 को अस्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट की तामील के लिए आरपीएफ टीम लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। आखिरकार मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर उसे पकड़ लिया गया।
आरपीएफ की विशेष टीम ने की गिरफ्तारी
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दुर्ग आरपीएफ पोस्ट प्रभारी के निर्देशन में गठित टीम में सहायक उप निरीक्षक निरंजन, आरक्षक एचआर सैनी और आरक्षक एसआर मीना शामिल थे। टीम ने मुखबिर से आरोपियों की मौजूदगी के संबंध में जानकारी हासिल की। इसके बाद बालोद जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र में उनके गांव पहुंचकर तलाश की गई। 26 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद दोनों को विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
एक साल में 32 वारंटी आरोपी गिरफ्तार
आरपीएफ दुर्ग के अनुसार, रेल संपत्ति से जुड़े पुराने अपराधों और न्यायालय में लंबित मामलों में जारी गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पिछले एक वर्ष में कुल 32 वारंटी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरपीएफ की यह कार्रवाई दर्शाती है कि पुराने मामलों में भी आरोपियों की तलाश और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय से जारी वारंट की तामील करना आरपीएफ की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। इसी उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में आरोपियों की तलाश की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा विशेष अभियान
रेलवे सुरक्षा बल दुर्ग ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय से जारी लंबित वारंटों की तामील के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीमों द्वारा वारंटी आरोपियों की जानकारी जुटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रेल संपत्ति की सुरक्षा और उससे जुड़े अपराधों में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ लगातार प्रयासरत है। पांच साल पुराने दो मामलों में हुई ताजा गिरफ्तारी इसी अभियान का हिस्सा है।
Tags: