रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवीन विश्राम गृह में आयोजित कार्यक्रम में 'मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना' के अंतर्गत 10वीं और 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बेटों-बेटियों को सम्मानित किया और प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए। इस अवसर पर श्रम विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 28 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के खातों में 7 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि भी हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे श्रमिक प्रदेश की प्रगति की मजबूत नींव हैं और उनके बच्चे विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के वाहक हैं।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का संकल्प है कि श्रमिक भाई-बहनों के परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित की जाए और उनके बच्चों को बेहतर अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा को प्रोत्साहित करना प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रोत्साहन राशि देने के साथ-साथ उनके भविष्य के लिए मार्गदर्शन और सहायता भी प्रदान की जाती है। कार्यक्रम में श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और पुरस्कार प्राप्त छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से लाभान्वित होने वाले छात्रों और उनके परिवारों को न केवल आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, बल्कि इससे उनकी शिक्षा और करियर के अवसरों में भी सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत और लगन से वे प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि का हस्तांतरण डिजिटल माध्यम से किया गया, जिससे यह प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार ऐसे कार्यक्रम संचालित करती रहेगी, जो श्रमिक परिवारों और उनके बच्चों के लिए शिक्षा और विकास के अवसर सुनिश्चित करें। यह योजना राज्य में शिक्षा और श्रमिक कल्याण को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों और विभागीय अधिकारियों को इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।