Raigarh. रायगढ़। रायगढ़ जिले के लिए यह गर्व का क्षण है। जिले की होनहार छात्रा आद्यशा परिडा ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10वीं की परीक्षा में 99.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। आद्यशा की इस ऐतिहासिक सफलता ने न केवल उनके परिवार और विद्यालय, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया है।
कलेक्ट्रेट में सम्मान: 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का जीवंत उदाहरण
आज जिला कलेक्ट्रेट परिसर में उत्साह का माहौल रहा। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आद्यशा परिडा को उनके माता-पिता के साथ अपने चेंबर में आमंत्रित किया। कलेक्टर ने आद्यशा को पुष्पगुच्छ और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया और उनकी मेहनत की जमकर सराहना की। इस अवसर पर कलेक्टर ने आद्यशा के माता-पिता से भी आत्मीय चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक बच्चे की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग और सही मार्गदर्शन सबसे महत्वपूर्ण होता है। कलेक्टर ने उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आद्यशा की यह उपलब्धि जिले के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए एक मिसाल बनेगी।
लक्ष्य: JEE Advance और इंजीनियरिंग का सपना
डीएवी पब्लिक स्कूल (एसईसीएल छाल) की छात्रा आद्यशा ने अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि:
वे कक्षा 11वीं में बायो-मैथ्स (Bio-Maths) विषय का चयन कर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं।
उनका मुख्य लक्ष्य जेईई एडवांस (JEE Advanced) की कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण कर देश के किसी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान (IIT) में प्रवेश लेना है।
अपनी सफलता के मंत्र साझा करते हुए आद्यशा ने कहा, "पढ़ाई में निरंतरता, अनुशासन और एकाग्रता ही सफलता की असली कुंजी है। मैंने हमेशा इस बात पर ध्यान दिया कि जो भी पढ़ा जाए, उसमें कोई संदेह (Doubt) न रहे। समय पर शिक्षकों की मदद लेकर अपने संदेह दूर करना बहुत जरूरी होता है।" उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन और माता-पिता के अटूट विश्वास को दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने थपथपाई पीठ
सम्मान समारोह के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अभिजीत बबन पठारे भी मौजूद रहे। उन्होंने आद्यशा को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रायगढ़ जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, और आद्यशा जैसी छात्राएं यह साबित करती हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर दृढ़ संकल्प हो, तो आसमान छुआ जा सकता है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अंत में कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जो जीवन की दिशा बदल सकती है। आद्यशा की निष्ठा और समर्पण आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत का कार्य करेगी। इस दौरान डीएवी स्कूल के प्राचार्य ने भी अपनी छात्रा की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया।
Tags: