Raipur. रायपुर। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में थाना टिकरापारा क्षेत्र के बोरियाखुर्द स्थित शासकीय हाई स्कूल में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड, फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल और डिजिटल लेनदेन से जुड़े जोखिमों के प्रति जागरूक करना था। पुलिस टीम ने बताया कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर साइबर अपराधों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
पुलिस टीम ने दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
थाना टिकरापारा प्रभारी राजेश मरई के निर्देशन में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में प्रशिक्षु उप निरीक्षक नागेश्वर साहू, प्रशिक्षु उप निरीक्षक मुकेश वारे और वरिष्ठ आरक्षक भारतेंद्र साहू ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को झांसा देकर बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से धोखाधड़ी करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा, मजबूत पासवर्ड का उपयोग, संदिग्ध मैसेज और लिंक से बचने जैसे महत्वपूर्ण उपायों के बारे में भी बताया।
ऑनलाइन ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की सलाह दी। पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध की जानकारी जितनी जल्दी दी जाती है, उतनी ही जल्दी कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है और ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।
मोबाइल और सोशल मीडिया उपयोग में सावधानी की अपील
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सुरक्षित तरीके से उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और बिना जांचे किसी एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके अलावा ऑनलाइन खरीदारी, डिजिटल भुगतान और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की बात कही गई।
विद्यालय प्रबंधन ने की अभियान की सराहना
कार्यक्रम में थाना टिकरापारा से प्रधान आरक्षक रामनारायण पटेल और वरिष्ठ आरक्षक विमलेश मालेकर भी मौजूद रहे। विद्यालय की ओर से प्राचार्य एस.के. साव ने कार्यक्रम का संचालन किया। प्राचार्य ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में ऐसे कार्यक्रमों की बेहद आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शुरुआत से ही साइबर सुरक्षा की जानकारी देना जरूरी है, ताकि वे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रह सकें।
साइबर अपराध मुक्त समाज बनाने की पहल
छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान प्रदेशभर में चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से आम नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग सतर्कता के साथ करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचें।
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