Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दशहरा, रावण दहन और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 20 और 21 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में कुल 766 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। दशहरा के 174 और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के 532 स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस विशेष सतर्कता बरतेगी। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव दल और अग्निशमन विभाग की व्यवस्था की गई है।

दो हिस्सों में बांटा गया पूरा जिला
दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने जिले को दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया है। दुर्ग और धमधा क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा को सौंपी गई है। वहीं भिलाई और पाटन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सोबराज अग्रवाल संभालेंगे। संबंधित क्षेत्रों के थाना प्रभारियों को भी अपने-अपने इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई है।

इन थाना क्षेत्रों में तैनात रहेगा पुलिस बल
दुर्ग, पद्मनाभपुर, मोहन नगर, पुलगांव और धमधा समेत आसपास के थाना क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा भिलाई नगर, सुपेला, नेवई, स्मृतिनगर, वैशाली नगर, छावनी, जामुल, खुर्सीपार, कुम्हारी और पाटन क्षेत्र में भी पुलिस अधिकारी और जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। आयोजन स्थलों के साथ प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रहेगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

यातायात व्यवस्था के लिए बनाए गए तीन जोन
दशहरा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था को तीन जोन में विभाजित किया है। यातायात शाखा के कुल 103 जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। ये जवान प्रमुख चौराहों, आयोजन स्थलों और विसर्जन मार्गों पर यातायात व्यवस्था संभालेंगे। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करेगी, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।

532 विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था
जिले में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए कुल 532 स्थलों पर सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। इन स्थलों के अलावा विसर्जन मार्गों पर भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संबंधित थाना प्रभारी अपने क्षेत्रों में विसर्जन कार्यक्रमों की निगरानी करेंगे। पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की तैयारी की गई है।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष टीम
दशहरा और दुर्गोत्सव के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए महिला रक्षा टीम की तैनाती की जाएगी। यह टीम आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेगी। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था रोकने के लिए पुलिस जवान मौजूद रहेंगे। पुलिस प्रशासन ने आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए हैं। राज्य और राष्ट्रीय आपदा बचाव दल के साथ अग्निशमन दल की व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर सुरक्षा व्यवस्था संचालित की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के सभी कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना है।
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