छत्तीसगढ़ से तीन युवा यूपीएससी में हुए पास आउट

छग

Update: 2023-05-23 18:51 GMT
रायपुर। आज घोषित यूपीएससी के नतीजों में छत्तीसगढ़ से भी चार युवाओं ने सफलता हासिल की है। इनमें कवर्धा के आकाश श्रीश्रीमाल 267, दिव्या पंत 275, बिलासपुर के अभिषेक चतुर्वेदी 179 , अंशिका जैन 306 और शुभाली परिहार 472 वें रैंक पर रहीं। अभिषेक ,आकाश और दिव्या आईएएस कैडर मिल सकता है लेकिन शुभाली को आईपीएस या आईआऱएस मिलने के संकेत है । आकाश 2020 में आईपीएस सेलेक्ट हो चुके हैं।
बिलासपुर में पदस्थ
आईएफएस सीएस परदेशी की पत्नी शुभाली लक्ष्मीकांत परिहार मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली शुभाली ने चौथे प्रयास में यूपीएससी क्रैक किया है। शुभाली इससे पहले राज्य सिविल सेवा की परीक्षा पास कर चुकी है। शुभाली ने 2018 में महाराष्ट्र राज्य सेवा परीक्षा को क्रैक किया। और उन्हें माल और सेवा कर (जीएसटी) महाराष्ट्र के निरीक्षक के रूप में चुना गया।शुभाली बताती है कि वो महाराष्ट्र के लातूर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। सिविल सेवा परीक्षा में उनका वैकल्पिक पेपर नृविज्ञान था। उन्होंने 2015 में पुणे, महाराष्ट्र में बी.टेक (कंप्यूटर साइंस) किया। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा महाराष्ट्र के लातूर से की। वह महाराष्ट्र के लातूर जिले की रहने वाली हैं।
अंशिका जैन को 306वीं रैंक मिली है। श्रेणी से आने वाली अंशिका मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली है। अंशिका का छत्तीसगढ़ के साथ गहरा नाता जुड़ने वाला है।अंशिका जैन के मंगेतर वासु जैन छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अफसर है। 2021 बैच के IAS वासु जैन अभी प्रोबेशन पर हैं और बिलासपुर में पोस्टेड हैं। अपनी मंगेतर की कामयाबी पर वासु जैन कहते हैं संघर्षों का सामना कर जिस तरह से अंशिका ने कामयाबी पायी है, वो एक मिसाल है। 5वें प्रयास में क्रैक करने वाली अंशिका का तो पहले दो प्रयास में प्री भी नहीं निकला था, तीसरे प्रयास में वो इंटरव्यू तक पहुंची, लेकिन एक नंबर के अंतर से वो चूक गयी। चौथे प्रयास में भी अंशिका को नाकामी मिली, लेकिन 5वें प्रयास में उन्होंने 306वीं रैंक हासिल कर ली है। रैंक के मुताबिक उन्हें आईएएस ना मिल पाये, तो आईपीएस मिलना तय है।
दिल्ली जा सकते हैं वासू जैन
दिल्ली मूल की अंशिका को यदि होम कैडर मिलता है तो विवाहोपरांत कॉमन कैडर के तहत वासू का भी कैडर बगल सकता है । यदि वासू ने छत्तीसगढ में रहने की इच्छा जताई तो अंशिका को आना पड़ेगा। अब भला दिल्ली छोड़कर छत्तीसगढ़ कौन आना चाहेगा। कॉमन कैडर की स्थिति परदेशी और शुभाली के लिए भी बनेगी।
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