Balod. बालोद। जिले में वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार वाहनों को जब्त किया है। वन विभाग की टीम ने बीती रात ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित लकड़ी से भरे तीन ट्रैक्टर और एक माजदा वाहन को पकड़ा। सभी वाहनों को विधिवत कार्रवाई के बाद दल्लीराजहरा डिपो लाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र में की गई। टीम को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रूप से लकड़ियों का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर नाकेबंदी कर जांच शुरू की।
इसी दौरान ठेमाबुजुर्ग से पचेड़ा मुख्य मार्ग पर एक माजदा वाहन को रोका गया। जांच करने पर वाहन में लकड़ी भरी मिली। वाहन चालक लकड़ी परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद वन विभाग ने वाहन को जब्त कर लिया। वहीं, पटेली से घोठिया मार्ग पर कार्रवाई करते हुए तीन ट्रैक्टरों को पकड़ा गया। इन ट्रैक्टरों में भी अवैध रूप से लकड़ी का परिवहन किया जा रहा था। वन विभाग ने मौके पर ही वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब्त किए गए वाहन लकड़ी तस्कर ओमकार और शेखर से जुड़े बताए जा रहे हैं। वन विभाग ने चारों वाहनों के चालकों को भी पकड़ लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि लकड़ियों के परिवहन के लिए पंचायत के फर्जी लेटर हेड का इस्तेमाल किया जा रहा था। वन विभाग अब इस मामले में दस्तावेजों की जांच कर रहा है और फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
वन विभाग अधिकारियों ने बताया कि जंगलों से अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। प्रतिबंधित लकड़ी का परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई में दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष ठाकुर, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी युगल किशोर सोनबरसा और वन विभाग के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने रात में अभियान चलाकर अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगलों से अवैध कटाई या लकड़ी परिवहन की जानकारी मिलने पर तत्काल विभाग को सूचना दें। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है। फिलहाल वन विभाग द्वारा जब्त वाहनों और लकड़ियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।