रायपुर। बारदाने की कमी को लेकर शहर कांग्रेस ने यहा केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ हंगामेदार प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने घंटी, शंख, और थाली बजाकर भाजपा सरकार को जगाने का प्रयास किया। शहर प्रवक्ता मोहम्मद फहीम ने बताया कि बुढ़ापारा धरना स्थल पर किये गये प्रदर्शन में रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे, ब्लाक अध्यक्ष प्रशांत ठेंगडी, नवीन चंद्राकर, माधव साहु, अशोक ठाकुर, सचिन शर्मा, देव कुमार साहु, आशा चैहान, पार्षद उत्तम साहु, मन्नु विजेता यादव,बंशी कन्नौजे सहित बडी़ संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।

प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे ने कहां कि केन्द्र सरकार बारदाने की आड़ में किसानो की पीठ पर छुरा घोप रही है। केन्द्र सरकार ने इस साल छत्तीसगढ़ को 3.30 लाख गठान बारदाने देने की सहमति देने के बावजुद सिर्फ 1 लाख 45 हजार गठान बारदाने की स्वीकृती दी है। छत्तीसगढ़ की भुपेश बघेल सरकार ने एडवांस में पैसा भेजा। लेकिन अभी तक 1 लाख 9 हजार गठान बारदाने ही मिले है। दुबे ने कहां कि भाजपा कि केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ की बारदाने को रोक दिया है। और यह सब इस लिए ताकि देश की सर्वश्रेष्ठ धान खरीदी को बाधित किया जा सके। भाजपा इसका राजनीतिक फायदा उठाकर जबरदस्ती लोगो की नजरो में चढने के लिए जगह-जगह पर आंदोलन कर रही है। जबकि भुपेश बघेल की सरकार को लगातार कटघरे में खड़ा करने हेतू भाजपा झुठे प्रचार कर रही है, इसके विपरीत मजबुरी में भुपेश बघेल की सरकार 23000 गठान बारदाने की व्यवस्था केन्द्र सरकार से अनुमति लेकर वैकल्पिक व्यवस्था करायी, ताकि किसानों के धान समय में खरीदी जा सके। इसके अतिरिक्त 30 हजार गठान बारदानों के पुनः उपयोग की अनुमति भी प्रदान की गयी है। जबकि इसके विपरीत 2015-16 में जब राज्य में भाजपा की सरकार थी जो छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केन्द्र सरकार से 3 लाख 11 हजार नौ सौ साठ गठानों की मांग पर 3 लाख 7 हजार सात सौ पैतालिस बारदाने मिल गए थे। इसी प्रकार 2016-17 में छत्तीसगढ़ द्वारा मांगे गए 2 लाख 75 हजार आठ सौ बासठ गठान बारदाना पर 2 लाख 75 हजार दो सौ तीन गठान बारदाने उपलब्ध हुए। इसी प्रकार वर्ष 2017-18 में 1 लाख 92 हजार चार सौ छियान्बे गठान बारदानों की मांग पर 1 लाख 89 हजार तीन सौ पचास बारदाने उपलब्ध कराए गए थे। 2018-19 में 2 लाख 25 हजार चार सौ अठ्ठाईस गठान बारदानों की मांग पर 2 लाख

23 हजार सात सौ चैहत्तर गठान बारदाने स्वाकृत कर दिए गए थे। परंतु जैसे ही भाजपा ने देखा कि कांग्रेस की राजीव गांधी किसान निधि योजना के चलते किसानों का अट्टु विश्वास कांग्रेस पर हो गया है। भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा सुनियोजित तरीके से कांग्रेसी सरकार के कामों में रूकावटें पैदा की जाने लगी इस साल केन्द्र की भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ को 3.30 लाख गठान जुट बारदानों की सहमति देने के बावजुद 1 लाख 45 हजार गठानों की स्वीकृत दी। जबकि इसके लिए भुपेश बघेल जी ने एडवांस में पैसा भेजा। इससे यह साबित होता है कि केन्द्र की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के पीठ में बारदाने की आड़ में छुरा घोंप कर इसका राजनीतिक फायदा उठा कर किसानों एवं आम जनता को आंदोलन कर भृमित करने का प्रयास कर रही है।

प्रदर्शन में शब्बीर खान, बाकर अब्बास जी श्रीनिवास, मुन्ना मिश्रा, राजु नायक, कमलेश नथवानी, पीन्टु वैद्य, संगीता दुबे, शीत श्रीवास, शेखर साहु, अविनय दुबे, सुयश शर्मा, राहुल गुप्ता, जीतु तांडी, यश साहु, जावेद खान, सागर वाकडे, कमल सोनी, मल्लिका प्रजापति, हरजुन बानो, मुनीर खान, दिवाकर साहु, नवीन केशरवानी, बाबा मशीह, सुजीत चैहान, किमत दीप, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।

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