Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में स्वराग्नि लोककला एवं जनकल्याण विकास फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने सांस्कृतिक और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सूरजपुर जिले में आयोजित रंगा-रंग करमा प्रतियोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोकसंस्कृति, त्यौहारों और जनसहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल स्थानीय कला और संस्कृति का संरक्षण करना है, बल्कि ग्रामीण और शहरी समुदायों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और परंपरा को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने फाउंडेशन और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि इस तरह के आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित किया जाए और इसके माध्यम से युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाई जाए। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रतिनिधिमंडल के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रंगा-रंग करमा प्रतियोगिता जैसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ाते हैं, बल्कि जनसहभागिता और सामूहिक सांस्कृतिक अनुभव को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक समरसता और समुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देने में मददगार साबित होते हैं।
भेंट में मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल के बीच चर्चा का मुख्य फोकस सांस्कृतिक संरक्षण, लोककला के संवर्धन और जनकल्याण गतिविधियों पर रहा। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन से कहा कि वे इस पहल को राज्य के अन्य जिलों तक भी विस्तारित करने के लिए योजना तैयार करें, ताकि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके। इस बैठक में स्वराग्नि लोककला एवं जनकल्याण विकास फाउंडेशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को आगामी आयोजनों और संभावित परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। दोनों पक्षों ने सांस्कृतिक, सामाजिक और जनकल्याण गतिविधियों के माध्यम से राज्य में सशक्त और समृद्ध समाज बनाने के प्रति सहयोग करने का संकल्प भी साझा किया।