पुलिस का मानवीय चेहरा, मदद से बच्चे की जान बची

Update: 2022-05-20 07:08 GMT

सुकमा। सुकमा के अतिसंवेदनशील इलाका एलमागुंडा में एक बार फिर जवानों ने बच्चे की जान बचाई। जिसके बाद से जवानों और जनता में एक बार फिर से दोस्ती वाला रिश्ता दिखाई दिया है। या यूं कहें कि पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। दरअसल, गुरुवार को एलमागुंडा गांव में एक बच्चे की तबीयत खराब हो गई।

नक्सल घोर इलाका होने की वजह से परिजन इलाज कराने के लिए बाहर नहीं ले जा पा रहे थे। जिसकी जानकारी वहा कैंप के जवानों को लगी जिसके बाद फौरन सम्पर्क कर एम्बुलेंस बुलावा और ज़्यादा बच्चे को चिंतागुफा भिजवाया। जहां उसका इलाज किया जा रहा है। सुकमा एसपी सुनील शर्मा के दिशानिर्देश पर लगातार जवान जनता के हालचाल जानकर उनकी मदद करते रहते हैं।

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