Raipur. रायपुर। रायपुर जिले में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वार्षिक मेले का सफल आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता और सीखने की प्रक्रिया को खेल-खेल में प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे, अभिभावक और जनप्रतिनिधि उत्साहपूर्वक शामिल हुए। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर ने मन्दिर हसौद परियोजना के भानसोज, सुन्डी, नारा, सिवनी एवं गोढी स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित मेले का निरीक्षण किया। इसी के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव एवं संचालक महोदया ने अभनपुर परियोजना के निमोरा केंद्र में आयोजित मेले का अवलोकन किया।
मेले में बच्चों के लिए शैक्षणिक खेल, रचनात्मक गतिविधियाँ, चित्रकला, कहानी-कथन, बाल गीत, नृत्य और सीखने से संबंधित विभिन्न स्टॉल लगाए गए। बच्चों ने इन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी दिखाई और रचनात्मक एवं शैक्षिक खेलों का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजरों और परियोजना अधिकारियों ने ईसीसीई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता विकसित होती है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न खेलों और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का आनंद लिया। इसके अलावा कहानी-कथन, नृत्य और चित्रकला जैसे कार्यक्रमों ने बच्चों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ावा दिया। अभिभावकों ने भी बच्चों के प्रयासों की सराहना की और ऐसे आयोजनों के महत्व को स्वीकार किया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की गई। अधिकारियों ने भविष्य में भी इस तरह के रचनात्मक एवं शिक्षाप्रद आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ईसीसीई वार्षिक मेले के माध्यम से बच्चों में खेल-खेल में सीखने, रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने और टीम वर्क का महत्व समझने की क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। यह कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके उज्जवल भविष्य की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।
Tags: