झारखंड में बंधक बनाए गए 16 मजदूरों को जिला प्रशासन ने सुरक्षित लौटाया
छग
Bilaspur. बिलासपुर। साप्ताहिक जनदर्शन के दौरान मस्तूरी तहसील के ग्राम सरगवां के 16 मजदूरों को झारखंड के सिमडेगा जिले में बंधक बनाए जाने की गंभीर शिकायत सामने आई। मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला प्रशासन और श्रम विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी मजदूरों को सुरक्षित वापस बुलवाया। इस समूह में दो बच्चे भी शामिल थे।
बंधक बनाए जाने की शिकायत
जनदर्शन में ग्राम सरगवां निवासी अमित कुमार मधुकर ने बताया कि गांव के 16 मजदूरों को झारखंड स्थित एक ईंट भट्ठे में बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा था। मजदूरों ने मारपीट, छेड़छाड़ और जबरन श्रम कराने की भी शिकायत की। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल श्रम विभाग को मामले की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।
श्रम विभाग की कार्रवाई
श्रम विभाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित लेबर ठेकेदार नीलकंठ अंबेडकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए श्रम न्यायालय में अभियोजन कार्यवाही शुरू की जाएगी। प्रशासन ने मजदूरों की सुरक्षित वापसी के बाद कहा कि पीड़ितों को नियमों के तहत हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सुरक्षा और जागरूकता
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में प्रशासन त्वरित कार्रवाई करता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाता है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग और पुलिस मिलकर ऐसे ठेकेदारों पर नजर बनाए रखेंगे। गांव के लोग और पीड़ित मजदूर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना अन्य मजदूरों के लिए चेतावनी है कि किसी भी प्रकार के शोषण और जबरन श्रम को सहन नहीं किया जाएगा।