Durg. दुर्ग। जिले के जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत ग्राम समोदा में जिला प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से पक्का दुकान निर्माण, टीन शेड और तार घेरा हटाकर जमीन को खाली कराया। यह कार्रवाई कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर की गई। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम समोदा, राजस्व निरीक्षक मंडल जेवरा सिरसा, तहसील एवं जिला दुर्ग में स्थित शासकीय घास भूमि खसरा नंबर 778 रकबा 0.13 हेक्टेयर पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किया गया था। इस जमीन पर पक्का दुकान बनाकर टीन शेड लगाया गया था और सीमेंट पोल लगाकर तार से घेराबंदी भी की गई थी।
कलेक्टर के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदार क्षमा यदु के नेतृत्व में राजस्व अमले और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से अवैध निर्माण को तोड़कर हटाया गया और पूरी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया। जांच में यह सामने आया कि ग्राम समोदा निवासी ब्रजेश ताम्रकार पिता गिरजाशंकर ताम्रकार द्वारा उक्त शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर दुकान निर्माण और अन्य निर्माण कार्य किया गया था। प्रशासन ने इस अवैध निर्माण को हटाते हुए सरकारी जमीन को मुक्त कराया। अधिकारियों ने बताया कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार ऐसी जमीनों को चिन्हित कर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
ताकि सरकारी भूमि का उपयोग सार्वजनिक हित में किया जा सके। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रही। कार्रवाई में राजस्व निरीक्षक रेखा शुक्ला, पटवारी चंद्रिका प्रसाद खरें, शत्रुघ्न मिश्रा, अनिता साहू और संदीप देशमुख सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। इसके अलावा पुलिस विभाग के अधिकारी, पंचायत के जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर उपस्थित रहे। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने आसपास के लोगों को भी चेतावनी दी कि यदि किसी ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया है तो उसे तुरंत हटा लें, अन्यथा प्रशासन द्वारा इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है। कई ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराना जरूरी है, ताकि उनका उपयोग जनहित के कार्यों में किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि जिले में शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित कर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।