डुमरमुड़ा एवं कोतरलिया की रेडी-टू-ईट इकाइयों का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

छग

Update: 2026-01-03 17:37 GMT
Raigarh. रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए रेडी-टू-ईट निर्माण को पुनः महिला स्व-सहायता समूहों से जोड़ने के शासन निर्णय पर रायगढ़ जिले में तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। इसी क्रम में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने डुमरमुड़ा एवं कोतरलिया में स्थापित रेडी-टू-ईट निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इकाइयों के संचालन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि उत्पादन प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। कलेक्टर ने महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के साथ चर्चा कर उत्पादन, मशीनरी और प्रशिक्षण की स्थिति की जानकारी भी ली।
कलेक्टर ने महिलाओं को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि रेडी-टू-ईट निर्माण न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्पादन शुरू करने से पूर्व स्वच्छता, गुणवत्ता और भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने भी स्वच्छता, गुणवत्ता परीक्षण, सुरक्षित भंडारण और समयबद्ध आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना महिला स्व-सहायता समूहों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और माताओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में सहायक होगी।
राज्य शासन ने इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में लागू किया है, जिनमें रायगढ़ भी शामिल है। वर्तमान में जिले में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट निर्माण और वितरण हेतु अनुबंधित किया गया है। योजना के पूर्ण क्रियान्वयन से 10 स्व-सहायता समूहों की 100 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में सुरक्षित और पौष्टिक आहार की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत रायगढ़ के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी महेश पटेल, जनपद पंचायत रायगढ़ और पुसौर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित थे।
यह योजना बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो रही है। रायगढ़ जिले में रेडी-टू-ईट निर्माण इकाइयों का संचालन महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर प्रदान करेगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी मानकों का पालन करते हुए उत्पादन शीघ्र शुरू किया जाए और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पौष्टिक आहार की आपूर्ति को समयबद्ध बनाया जाए। अधिकारियों और महिला स्व-सहायता समूहों के सहयोग से इस योजना का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव जिले में सकारात्मक रूप से दिख रहा है। इस तरह, रायगढ़ जिले में रेडी-टू-ईट निर्माण इकाइयां न केवल पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देंगी बल्कि महिलाओं और बच्चों के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होंगी।
Tags:    

Similar News