Mahasamund. महासमुंद। महासमुंद जिले में देशी शराब भट्टी के पीछे एक व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान क्लब पारा वार्ड नंबर 26 निवासी हेमंत दीवान (45 वर्ष) के रूप में हुई है। सिटी कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज महासमुंद भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि मौत के असली कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। जानकारी के अनुसार, शव महासमुंद नगर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 353 के किनारे स्थित सितली नाला के पास, देशी शराब भट्टी के पीछे झाड़ियों में पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। साथ ही फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और सभी संभावित साक्ष्य जुटाए।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि हेमंत दीवान शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजे घर से निकले थे और रात भर वापस नहीं लौटे। उनके परिजन और जानकार चिंतित होकर खोजबीन कर रहे थे। थोड़ी देर बाद उन्हें सूचना मिली कि उनका शव देशी शराब भट्टी के पीछे पड़ा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हेमंत दीवान लंबे समय से शराब पीने के आदी थे, जिससे प्रारंभिक अनुमान लगाया जा रहा है कि अत्यधिक शराब सेवन उनके मृत्युदर में भूमिका निभा सकता है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल किसी भी निर्णय पर जल्दीबाजी नहीं की है और मर्ग कायम कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। महासमुंद पुलिस ने बताया कि मृतक की हत्या, दुर्घटना या शराब सेवन से हुई मौत का स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। पुलिस मामले में सभी पहलुओं पर ध्यान दे रही है और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की समीक्षा कर रही है।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले इसी शराब भट्टी के पास एक नाबालिग समेत तीन युवकों ने मिलकर एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इस वजह से इलाके में शराब भट्टियों के आसपास सुरक्षा और निगरानी पर और भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध स्थिति या घटनास्थल पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत सिटी कोतवाली को दें। अधिकारियों का कहना है कि मृतक के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने क्षेत्रवासियों में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह शराब भट्टी के आसपास सुरक्षा और कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता को उजागर करता है। पुलिस ने यह भी कहा कि घटना की जांच में फॉरेंसिक टीम, आसपास के सीसीटीवी और साक्ष्यों का पूर्ण उपयोग किया जाएगा, ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।