Raigarh. रायगढ़। कोतरारोड़ थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग बालिका को पुलिस ने सकुशल दस्तयाब करते हुए उसे प्रेमजाल में फंसा कर बहला-फुसलाकर भगाने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी युवक को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। कोतरारोड़ पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 01 दिसंबर 2025 को पीड़िता की मां द्वारा थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी 19-20 नवंबर 2025 को अपनी दीदी के घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों ने आशंका जताई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बालिका को बहला-फुसलाकर भगा लिया गया है। इस रिपोर्ट पर थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 478/25, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।


थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा गुम बालिका और संदिग्ध व्यक्ति की लगातार पतासाजी की जा रही थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और स्थानीय स्तर पर पूछताछ के माध्यम से जांच को आगे बढ़ाया। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नाबालिग बालिका दीनदयाल कॉलोनी क्षेत्र में देखी गई है। सूचना के आधार पर कोतरारोड़ पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दीनदयाल कॉलोनी, ढिमरापुर चौक रायगढ़ में दबिश दी, जहां से बालिका को आरोपी नरेश तिग्गा (उम्र 26 वर्ष) के कब्जे से सकुशल दस्तयाब किया गया। पुलिस ने आरोपी और अपहृता को थाना लाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान नाबालिग बालिका ने बताया कि आरोपी नरेश तिग्गा से उसका प्रेम संबंध था। आरोपी उसे शादी का झांसा देता था और 20 नवंबर 2025 की शाम वह उसे दीदी के घर से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।


आरोपी ने बालिका को दीनदयाल कॉलोनी स्थित किराये के मकान में रखा, जहां इस दौरान उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए गए। बालिका के नाबालिग होने के कारण प्रकरण में पॉक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और काउंसलिंग की प्रक्रिया भी प्रारंभ की है। मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी नरेश तिग्गा को विधिवत गिरफ्तार कर आज न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, करुणेश राय, आरक्षक चंद्रेश पांडे, संदीप कौशिक, टिकेश्वर यादव, महिला आरक्षक श्यामा सिदार सहित अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कोतरारोड़ पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई से नाबालिग बालिका की सुरक्षित बरामदगी संभव हो सकी। पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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